रमजान में मुस्लिम समुदाय के बीच खजूर की काफी अहमियत होती है। इस साल देश व दुनिया भर में कोरोना का संकट के बीच रमजान का महीना पड़ रहा है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय को इस बार रोजा खोलने के लिए खजूर की किल्लत का सामना करना होगा। बाहर से अब तक खजूर नहीं आ सकी। लॉकडाउन के चलते माह-ए-रमजान में रोजेदारों को खजूर की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, देश में सऊदी अरब, ईरान, इराक, ट्यूनिशिया व इंडोनेशिया समेत अन्य खाड़ी देशों से खजूर आता है। लॉकडाउन की वजह से वर्तमान में आयात पर पाबंदी है। ऐेसे में रमजान में इस बार खजूर का संकट रहेगा। सिर्फ शहर में नहीं बल्कि आसपास के जनपदों में भी खजूर नहीं मिल पाएगा। रमजान से पहले लॉकडाउन के कारण थोक कारोबारियों ऑर्डर बुक नहीं कर सके। रमजान में आमतौर पर खजूर से ही रोजा खोलते हैं। रमजान से पहले ही शहर में देशी व विदेशी खजूर आ जाती थी। सस्ती से लेकर महंगी खजूर शहर में उपलब्ध रहती थी। ऐसे में इस साल खजूर बाहर से न आने के कारण इसका असर रमजान पर पडऩा तय है। रमजान से पहले शहर में कई किस्म की खजूर आती थीं, जो दो से लेकर २५० रुपये किलो तक बिकती थी।