झांसी। राम मंदिर आंदोलन के गवाह और कारसेवकों को फल-भोजन देने जाने वाले कोतवाली क्षेत्र के डरुभौंडेला निवासी कारसेवक राजू पुत्र श्रीराम को राम मंदिर आंदोलन के दौरान पुलिस ने खूब यातनाएं दीं। जिसे सोचकर आज भी वह सिहर उठते हैं। वह बताते हैं कि आंदोलन के दौरान झांसी के बुंदेलखंड कॉलेज में रोके गए कारसेवकों को वह जब फल और भोजन देने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद नवाबाद थाने ले जाकर उन पर जुल्म किया गया। राजू कहते हैं कि पुलिस उन्हें रात में पीटती थी और दिन में दर्द की दवा खिला देती थी। जब वह पीछे हटने को तैयार नहीं हुए तो उन पर धारा 307, 308 और 506 तहत मुकदमा लिखकर जेल भेज दिया गया। यहां भी उनके साथ मारपीट हुई। अब जब 22 जनवरी को भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है, तो राजू अपने सभी दर्द भूल गए हैं। संवाद