अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। हत्या से चौबीस घंटे पहले काजल ने मंगेतर से फोन पर अपना दर्द साझा किया था। चिरगांव के सिमथरी गांव निवासी उसके मंगेतर राज का कहना है कि बरात से एक दिन पहले काजल ने उसे फोन करके बताया था कि पड़ोस में रहने वाला दीपक उसे और उसके परिवार को धमका रहा है। उसकी धमकी की वजह से ही वह लोग झांसी में आकर शादी कर रहे हैं। राज के मुताबिक काजल के पिता राजकुमार ने आखिर तक इसे छिपाए रखा। राजकुमार ने सिर्फ पड़ोसी से विवाद की बात बताई लेकिन, किस बात को लेकर विवाद है, यह नहीं बताया।
23 जून की रात सीपरी बाजार के खोड़न इलाके में शादी से चंद घंटे पहले काजल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने उसकी शादी पंद्रह दिन पहले ही सिमथरी निवासी राज से तय की थी। पीतांबरा पीठ में दोनों के परिजनों ने मिलने के बाद आनन-फानन शादी तय कर दी थी। इसके बाद काजल अपने गांव लौटकर नहीं गई। उसे सीधे मामा के घर झांसी भेज दिया गया। काजल की शादी की बात गांव में भी किसी से नहीं बताई गई लेकिन, किसी तरह दीपक को इसकी भनक लग गई। 21 जून को काजल के पिता ने फलदान किया। 22 जून को सिमथरी में वर पक्ष की ओर से खाना चल रहा था। उसी दौरान काजल ने अपने मंगेतर राज से फोन पर पूरी बात बताई थी।
इनसेट
अब भी कई सवाल रह गए अनसुलझे
- हत्या के बाद दीपक पुलिस से बचकर दिल्ली तक भाग गया था लेकिन, रात में ही वह वापस मुरैना आया। पुलिस को इस बात का जवाब नहीं मिल रहा कि आखिर उसने सुसाइड करने के लिए मुरैना को ही क्यों चुना। संभावना जताई जा रही कि किसी भावनात्मक लगाव की वजह से दीपक ने मुरैना में आकर अपनी जान दी।
- शादी तय होने के बाद काजल को झांसी भेज दिया गया। यहां काजल की सहमति से शादी की तैयारी चल रही थी। पुलिस को अब तक इस बात का भी जवाब नहीं मिला कि काजल के ब्यूटी पार्लर जाने की सटीक जानकारी दीपक के साथ किसने साझा की।
- हत्या में इस्तेमाल हुआ तमंचा भी पुलिस बरामद नहीं कर सकी। हत्या में इस्तेमाल तमंचा कहां गया, यह भी मालूम नहीं चल सका।