झांसी। डग्गामार वाहन रोडवेज को खूब चपत लगा रहे हैं। रोडवेज के रूटों पर यह सवारियां ढो रहे हैं। खासतौर पर ग्रामीण रूटों पर डग्गामार गाड़ियां खूब दौड़ रहीं हैं। इससे रोडवेज और परमिटधारियों को तो लाखों की चपत लग ही रही है। साथ ही यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्री इनका वीडियो बनाकर भी शिकायत करते हैं लेकिन संबंधित विभाग इन पर कार्रवाई नहीं करते हैं।
जनपद मुख्यालय पर टाटा मैजिक, मैक्स, थ्री व्हीलर समेत कई प्रकार के डग्गामार वाहनों की भरमार है। पहले से ही टूूटी सड़कों और बसों की खस्ता हालत के कारण रोडवेज को नुकसान झेलना पड़ रहा है और अब कई मार्गों पर डग्गामार वाहनों के चलने के कारण रोडवेज को घाटे का अनुमान लगाया जा रहा है। कई बार बसों के चालक, परिचालक व स्वामियों द्वारा बसों की हड़ताल कर धरना प्रदर्शन किया गया था। जिसके बाद संभागीय परिवहन अधिकारी ने कुछ वाहनों पर कार्रवाई कर अपने काम की इतिश्री कर ली थी। इस संबंध में एआरएम प्रियम श्रीवास्तव का कहना है कि डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए आरटीओ को पत्र लिखा जा चुका है। उनकी तरफ से लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
यात्रियों से भी करते हैं अराजकता
महानगर से अलग-अलग मार्गों पर चलने वाले डग्गामार वाहन एक तरफ परिवहन विभाग को चपत लगा रहे हैं। वहीं, इन वाहनों में सफर करने वाले यात्रियों से अधिक किराया वसूलने के साथ ही उनके साथ अभद्रता भी करते हैं। कई यात्रियों द्वारा भी ऐसे वाहनों पर अंकुश लगवाए जाने की मांग कई बार की जा चुकी है लेकिन नतीजा सिफर रहता है।
इन विभागों पर है डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने का जिम्मा
डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने का जिम्मा संभागीय परिवहन विभाग, परिवहन निगम, पुलिस और प्रशासन का है। चारों विभागों को डग्गामार वाहनों को बंद कराना चाहिए, लेकिन शायद ही कभी कोई कार्रवाई की गई हो। कार्रवाई न होने से डग्गामार वाहन चालकों के हौंसले बुलंद है।