सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि मऊरानीपुर निवासी मोहनलाल ने टोड़ीफतेहपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके बेटे अखिलेश का साला दतिया के होलीपुरा निवासी गगन उर्फ देवेंद्र कुमार तथा उसकी मौसी का लड़का शिवपुरी की अशोक विहार कॉलोनी निवासी अमित सोनी 16 जून 2017 को घर आए थे। घर पर आकर वे अखिलेश के बारे में पूछताछ कर रहे थे। इसके बाद वे वापस चले गए थे। उसी दिन शाम को एक बार फिर से वे घर आए और उन्होंने घर में घुसकर चाकुओं से अखिलेश पर हमला बोल दिया, जिससे वो गंभीर रुपये से घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मृतक अखिलेश अभियुक्त गगन का बहनोई था। उक्त घटना से पहले अखिलेश पर उसकी पत्नी की हत्या का आरोप लगा था। तब से साला गगन उससे रंजिश रखने लगा था। इसी के चलते उसने अपने मौसेरे भाई के साथ मिलकर उक्त घटना को अंजाम दिया।