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झांसी में बुखार का कहर.. जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड हुआ फुल

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झांसी। भीषण गर्मी में छोटे बच्चों पर भी बुखार का कहर टूट रहा है। जिला अस्पताल में बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोज 40 बच्चे बुखार की समस्या लेकर आ रहे हैं। 10 बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे हैं। हाल ये है कि अक्सर अस्पताल का वार्ड फुल रहता है। इन दिनों अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। प्रचंड धूप में घरों से बाहर निकलने पर बड़े से लेकर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सोनी ने बताया कि गर्मी के दिनों में कई बच्चों को डिहाइड्रेशन हो जाता है। फिर धूप में निकलने पर जब उन्हें लू लग जाती है तो बुखार आ जाता है। जबकि, दूषित खानपान की वजह से बच्चों को उल्टी, दस्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन दिनों ओपीडी में 70 बच्चे आते हैं। इनमें से 40 बच्चे बुखार और 10 डायरिया की समस्या लेकर आ रहे हैं। रोजाना छह से सात बच्चों को बच्चा वार्ड में भर्ती करना पड़ता है। वार्ड में 20 बेड हैं, जो कि अक्सर भरे रहते हैं। शुक्रवार को वार्ड में एक भी बेड खाली नहीं था। शनिवार को चार-पांच बच्चों को डिस्चार्ज करने में कुछ बेड खाली हुए। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों को पांच से छह दिनों तक बुखार बना रहता है, उन्हें टायफाइड भी हो जा रहा है। मेडिकल कालेज में भी बुखार के मरीजों की भीड़ झांसी। जिला अस्पताल ही नहीं मेडिकल कालेज में भी बुखार के मरीजों की भीड़ लग रही है। हर रोज तकरीबन सौ मरीज पहुंच रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में भी यही हाल है। चिकित्सकों का कहना है कि भीषण गर्मी में लोग बीमार हो रहे हैं। सात-आठ दिनों तक नहीं उतर रहा बुखार बच्चा वार्ड में भर्ती इतवारीगंज की अनाया की मां आशमा ने बताया कि बच्ची को सात दिनों से बुखार, उल्टी हो रही हैं। अब डॉक्टर ने पीलिया बता दिया है। वहीं, नाजिया को तीन-चार भी उल्टी और पेट दर्द की समस्या है। कन्हैया की मां आरती ने बताया कि चार दिनों से अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी बच्चे को राहत नहीं मिली है। जुड़वा भाई-बहन अवयांश, रितिक भी पांच-छह दिनों से बुखार होने के चलते अस्पताल में भर्ती हैं। ये ध्यान दें - बासा खाना न खाएं - दूषित पानी न पीएं - धूप से बचाव करें - शरीर में पानी की कमी न हो दें
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