झांसी। तीन महीने से 40 दवाओं और ब्यूटी प्रोडक्ट के सैंपलों की जांच रिपोर्ट नहीं आ पाई
है। ये नमूने लखनऊ की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए थे। बताया गया कि एकमात्र लैब
होने से नमूनों की जांच का काफी भार रहता है।
औषधि विभाग हर महीने 20 से 25 दवाओं के सैंपल लेता है। लखनऊ में राजकीय प्रयोगशाला है, जहां प्रदेश भर के नमूनों की जांच होती है। अधिकारियों ने बताया कि विभाग की तरफ से
एंटीबायोटिक, सीरप, खांसी, जुकाम आदि दवाओं के सैंपल लिए थे। इसके अलावा ब्यूटी प्रोडक्ट में क्रीम, फेस वॉश, बॉडी लोशन तथा पशुओं की दवाओं को मिलाकर करीब 40 नमूने जांच के लिए लैब भेजे थे। मगर तीन महीने बीत जाने के बावजूद अब तक इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट नहीं आ पाई है।वहीं, औषधि निरीक्षक उमेश भारती ने बताया कि लगातार नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।
दवा कंपनी पर मुकदमा दर्ज
औषधि निरीक्षक ने बताया कि एसिडिटी की एक दवा अधोमानक निकलने पर संबंधित कंपनी के
खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। कहा कि दवा में जितनी मात्रा में तत्व का उपयोग
किया जाना था, उतना नहीं किया गया।