सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल शर्मा ने बताया कि जीआरपी के तत्कालीन थानाध्यक्ष रघुवीर सिंह ने 17 नवंबर 2017 को थाने में सूचना दी थी कि छतरपुर जिलेे के थाना जुझार के ग्राम बम्हौरी निवासी राकेश अहिरवार और उसकी पत्नी रुकमणि संगठित गिरोह बनाकर ट्रेनों में जहरखुरानी कर यात्रियों का सामान चोरी करते हैं। दोनों का लंबा आपराधिक इतिहास है। भय के कारण कोई भी दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने व गवाही देने का साहस नहीं जुटा पाता है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। दोष सिद्ध होने पर अदालत ने पति-पत्नी को चार-चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।