चुनाव और शादियों का सीजन साथ-साथ पढ़ने से फूलों का कारोबार करने वालों की बल्ले-बल्ले हो गई। प्रत्याशियों के स्वागत में पहनाई जाने वाली माल हो या दूल्हा दुल्हन की जयमाला सभी के दाम चुकाने पड़ रहे हैं । नेता जी के स्वागत के लिए लोगों मे होड़ सी मची है।