सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अतुलेश सक्सेना ने बताया कि थाना बबीना के ग्राम कोटी चमरौआ निवासी परशुराम राजपूत ने बबीना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनका भाई पुष्पेंद्र राजपूत व लोटन 14 सितंबर 2014 की शाम तकरीबन 6.30 बजे भेल से मजदूरी कर बाइक पर सवार होकर घर की ओर लौट रहे थे। जब वे चमरौआ डोंगरी बांध के पास पहुंचे, तभी पीछे से दो बाइक सवार आए। उन्होंने गाड़ी सटाकर रुकवा ली। उनमें से एक ने कनपटी से सटकार पुष्पेंद्र को गोली मार दी, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के लिए उसे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया, जहां 16 सितंबर 2014 को उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना को अंजाम पुरानी रंजिश के चलते दिया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद आरोपी करारी निवासी उमेश राजपूत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई।