झांसी। कोरोना की तीसरी लहर ने पिछले सारे रिकॉर्ड तेज कर दिए हैं। शुरूआती एक हजार संक्रमितों की बात करें तो पहली की तुलना में तीसरी लहर तीन गुनी तेज हैं। जबकि, दूसरी के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक तेजी से मामले सामने आए हैं।
झांसी में सबसे पहले 27 अप्रैल 2020 को कोरोना का पहला मामला सामने आया था। ओरछा गेट अंदर की रहने वाली 58 साल की महिला कोरोना पॉजिटिव मिली थी। इसके बाद एक हजार केस होने पर लगभग 80 दिन लग गए। 18 जुलाई 2020 को 102 संक्रमित सामने आने के बाद कोरोना पॉजिटिव 1094 हो गए। फरवरी 2021 तक पहुंचकर पहली लहर थम सी गई। इस महीने के अंतिम दो सप्ताह में कई दिन या तो शून्य या फिर एक मरीज ही मिला। हालांकि, दो मार्च 2021 से फिर से कोरोना संक्रमित सामने आने के बाद दूसरी लहर की शुरूआत हो गई।
नौ संक्रमित मिलने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा 10463 हो गया। दूसरी लहर में एक हजार मरीज होने में 35 दिनों का समय लग गया। सात अप्रैल 2021 को 192 रोगी मिलने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा 11461 पहुंच गया। जिले में तीसरी लहर की शुरूआत 20 दिसंबर 2021 से दो केस सामने आने के बाद हुई। तब संक्रमितों का आंकड़ा 36557 हो गया। वहीं, 14 जनवरी को तीसरी लहर में मिले संक्रमितों का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच गया है। यानी कि महज 25 दिनों में एक हजार पॉजिटिव केस तीसरी लहर में मिले हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि झांसी में तीसरी लहर पहली की तुलना में तीन गुनी और दूसरी के मुकाबले डेढ़ गुना तेज है।