झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई पैरामेडिकल कॉलेज अब बुंदेलखंड के नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों की गुणवत्ता सुधारेगा। मिशन निरामया के तहत इसे मेंटर इंस्टीट्यूट घोषित किया गया है। कॉलेज के शिक्षक अन्य संस्थानों को प्रशिक्षण देकर शैक्षणिक, पेशेवर क्षमताओं को मजबूत करेंगे। मान्यता देने से पहले उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी की टीम ने पैरामेडिकल कॉलेज का दो बार निरीक्षण किया था। टीम ने संस्थान की भौतिक सुविधाओं, प्रोटोकॉल आधारित शिक्षण प्रणाली और प्रशिक्षण गुणवत्ता के मानकों की पड़ताल की थी। पैरामेडिकल कॉलेज पहले से ही आईएसओ प्रमाणित है। पैरामेडिकल के नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मधुसूदन ने बताया कि छात्रों को एसजीपीजीआई और केजीएमयू जैसे प्रीमियम संस्थानों के समान उच्च गुणवत्ता वाली और प्रोटोकॉल आधारित शिक्षा मिलेगी।मान्यता मिलने से छात्रों की रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल जैन ने बताया कि पैरामेडिकल कॉलेज का मेंटर इंस्टीट्यूट बनना बुंदेलखंड के लिए उपलब्धि है। इससे छात्र और शिक्षक दोनों का मनोबल बढ़ेगा। संस्थान स्वास्थ्य क्षेत्र में उच्चतम प्रशिक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। ब्यूरोर