Jhansi Murder Case News Today: झांसी शहर में एक सनकी बेटे ने शुक्रवार की देर रात को अपने कमरे में सो रहे शिक्षक पिता और मां को लोहे के तवे और डंडे से पीट-पीटकर मार डाला। परिवार के लोगों का कहना है कि युवक पबजी गेम के मकड़जाल में फंसकर अपना मानसिक संतुलन खो बैठा था।
एक जवान बेटे के हाथों बूढ़े मां-बाप का खून बहा दिए जाने की बात जिसने भी सुनी उन सबके दिल कांप उठे लेकिन, जिस बेटे ने इस दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया, उसके चेहरे पर कोई भी शिकन नहीं दिखाई पड़ी। जब पुलिस घर पर पहुंची तो हंसते हुए कहने लगा..आइए आपका ही इंतजार था।
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परिजनों का कहना है पिछले कई साल से अंकित का मानसिक संतुलन सही नहीं था। बहन नीलम का कहना है कि पबजी खेलने की लत से उसकी यह हालत हुई। पड़ोस में रहने वाले नीतेश, नरेंद्र आदि के मुताबिक अंकित मोहल्ले में भी नहीं निकलता था। महीनों अपने घर के भीतर ही पड़ा रहता था।
कई-कई हफ्ते न नहाता था और न बाल कटवाता था। मानसिक संतुलन खराब होने की वजह से परिवार के लोग उससे उलझते नहीं थे। छोटी बहन सुंदरी की मार्च में शादी हुई थी। जिस दिन शादी थी, उसी दिन अंकित ने सुंदरी को बुरी तरह पीट दिया था। मां को भी पिछले साल मारकर उनका हाथ तोड़ दिया था।
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पुलिस पहुंची तो सबसे पहले मांगा अपना मोबाइल
हत्यारोपी अंकित को पुलिस सबसे पहले गिरफ्तार करके विश्वविद्यालय पुलिस चौकी पहुंची। यहां पहुंचने के बाद जब पु़लिस कर्मियों ने उससे पूछताछ की तब सबसे पहले उसने पुलिस वालों से ही अपना मोबाइल मांगा। बजरंग चौकी इंचार्ज रोहित कुमार उसका मोबाइल तलाशने वापस घटना स्थल पहुंचे।
यहां मोबाइल न होने की बात पुलिस ने अंकित को बताई। इस पर अंकित ने दोबारा बताया कि पिता की आलमारी में मोबाइल रखा हुआ है। यह मोबाइल उसे चाहिए। बहन नीलम का कहना है कि पबजी आदि गेम खेलने की लत के चलते पिता ने शुक्रवार को मोबाइल एवं लैपटॉप छीनकर अपनी आलमारी में रख लिया था।
रेलवे अस्पताल में कर चुका आउटसोर्स पर काम
हत्यारोपी अंकित ने नर्सिंग का कोर्स किया था। कोविड से पहले वह रेलवे अस्पताल में आउटसोर्स में काम करता था लेकिन, कोविड के समय उसने नौकरी छोड़ दी और घर पर रहने लगा। इसी दौरान वह मोबाइल और लैपटॉप पर घंटों गेम खेलता था। इसी दौरान उसे पबजी खेलने की लत लग गई थी।
परिजनों का कहना है कि बैन होने के बाद भी वह एक ग्रुप में जुड़ा था। यह लोग प्राक्सी नेटवर्क तैयार करके पबजी खेलते थे। पबजी खेलने की लत की वजह से ही वह धीरे-धीरे मानसिक तौर से कमजोर हो गया।
पबजी खेलने से मना करने पर सनकी बेटे ने शिक्षक पिता और मां को मार डाला
आपको बता दें कि झांसी शहर में एक सनकी बेटे ने शुक्रवार की देर रात को अपने कमरे में सो रहे शिक्षक पिता और मां को लोहे के तवे और डंडे से पीट-पीटकर मार डाला। परिवार के लोगों का कहना है कि युवक पबजी गेम के मकड़जाल में फंसकर अपना मानसिक संतुलन खो बैठा था। वह बीते दिन भी मोबाइल पर गेम खेल रहा था। गुस्साए पिता ने उससे मोबाइल छीना और घर में छुपा दिया। उस वक्त तो युवक नाराज होकर अपने कमरे में चला गया लेकिन देर रात को उसने सोते मां-बाप पर हमला कर दिया।
बंगरा निवासी लक्ष्मी प्रसाद झा (58) पलरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य थे। वह अपनी पत्नी विमला (55) और इकलौते बेटे अंकित (28) के साथ पिछोर में रहते थे। तीन बेटियों में बड़ी बेटी नीलम एवं सुंदरी की शादी हो चुकी जबकि छोटी बेटी शिवानी उरई में रहकर पढ़ाई करती है। झांसी में ही रहने वाली बड़ी बेटी नीलम के मुताबिक अंकित को पबजी गेम खेलने की लत लग गई थी। पिता इस बात पर उसे अक्सर टोकते थे।
वह उससे मोबाइल भी छीन लिया करते थे। लेकिन इसके बाद भी जब कभी अंकित को मोबाइल मिलता वह चोरी-छिपे पबजी खेलने लग जाता था। शुक्रवार को भी अंकित के हाथ मोबाइल लग गया था। जब पिता लक्ष्मी प्रसाद ने उसके हाथ में मोबाइल देखा तो उसे फटकारते हुए मोबाइल छीन लिया और अपने कमरे में अलमारी में रख दिया था। इससे अंकित नाराज हो गया । रात में सब लोगों ने साथ में खाना खाया और अपने कमरे में जाकर सो गए। लक्ष्मी प्रसाद अपनी पत्नी विमला के साथ नीचे वाले कमरे में थे। जबकि अंकित पहली मंजिल पर बने अपने कमरे में चला गया।
एसएसपी राजेश एस ने बताया कि अब तक की पड़ताल और गिरफ्तार अंकित से पूछताछ में जो पता चला है उसके मुताबिक रात को करीब दो बजे अचानक अंकित कमरे में आया। उसने हाथ में लोहे का तवा लिया हुआ था। इसी तवे से अपने पिता लक्ष्मी प्रसाद के चेहरे एवं सिर पर कई वार कर दिए। चीख पुकार सुनकर पास में सो रही उनकी पत्नी विमला की आंख खुल गई। जैसे ही वह बीच-बचाव को आगे आईं अंकित ने उनके ऊपर भी तवे और डंडे से हमला कर दिया।
मां विमला भी खून से लथपथ होकर वहीं पर गिर पड़ी। लक्ष्मी प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई जबकि विमला गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बाद अंकित वापस अपने कमरे में चला गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब झांसी में ही रहने वाली उनकी बेटी नीलम ने अपने पिता लक्ष्मीप्रसाद को फोन किया लेकिन फोन उठा नहीं। लिहाजा उसने पड़ोसी काशीराम को फोन करके बताया कि उनके पिता का फोन नहीं उठ रहा है। इस पर काशीराम इनके घर पहुंचे।
उन्होंने किसी तरह से दरवाजा खोला और भीतर जाकर देखा तो लक्ष्मीप्रसाद और उनकी पत्नी खून से लपथपथ अवस्था में बिस्तर पर पड़े थे। पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में मुहल्ले वाले भी जमा हो गए। उस समय विमला की सांसें चल रही थीं। उन्होंने ही पुलिस को बताया था कि उनके बेटे ने दोनों पर हमला किया था। कुछ ही देर बाद मेडिकल कालेज में विमला की भी मौत हो गई। पुलिस ने घर से ही आरोपी युवक अंकित को गिरफ्तार कर लिया है।