राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में 11 अक्तूबर 2020 को एक नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। इस सनसनीखेज वारदात में कॉलेज के ही आठ छात्रों को आरोपी बनाया गया था। सभी जेल में बंद हैं। शनिवार को सभी आठों आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया।
पॉलिटेक्निक कॉलेज में हुई सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात पूरे प्रदेश में सुर्खियों में रही थी। पुलिस ने घटना के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें महोबा के थाना कुलपहाड़ निवासी रोहित कुमार सैनी, थाना ककरबई निवासी भरत कुमार कुशवाहा, गोंडा के थाना बजीरगंज निवासी शैलेंद्र कुमार पाठक, झांसी के थाना टहरौली निवासी मयंक शिवहरे, प्रयागराज के थाना थरवई निवासी विपिन तिवारी, झांसी के थाना मऊरानीपुर निवासी मोनू पार्या, रानीपुर निवासी धर्मेंद्र सेन व महोबा के कुलपहाड़ निवासी संजय कुशवाहा शामिल हैं।
विशेष लोक अभियोजक विजय कुशवाहा ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश (रेप एवं पॉक्सो एक्ट) नितेंद्र कुमार सिंह की अदालत ने इस मुकदमे के आठों आरोपियों को दोषी करार दिया है। सजा सोमवार को सुनाई जाएगी। अधिवक्ताओं के मुताबिक अभियुक्तों को न्यूनतम 20 साल से अधिकतम आजीवन कारावास तक की सजा सुनाई जा सकती है।