बेतवा नदी में उतराता मिला अतिथि अध्यापक का शव
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झांसी में रानीपुर के जतारा गांव में अतिथि अध्यापक के पद पर तैनात धीरज सिरोठिया का शव शुक्रवार दोपहर बेतवा नदी में उतरता हुआ मिला। धीरज दो दिन पहले स्कूल में पढ़ाने के लिए निकले थे लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला। दो दिनों से परिजनों उनकी तलाश कर रहे थे। पुलिस को आज उनका शव नदी से बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रानीपुर निवासी सत्यनारायण सिरौठिया नायब तहसीलदार के पद से 6 माह पहले रिटायर हुए हैं। धीरज सिरौठिया उनका इकलौता बेटा था। धीरज जतारा के कनबा गांव स्थित सरकारी स्कूल में अतिथि अध्यापक था। एक फरवरी की सुबह 10 बजे वह घर से बाइक लेकर स्कूल जाने के लिए निकला था। रोजाना की तरह शाम 5 बजे घर नहीं लौटा तो पत्नी काजल उर्फ वंदना ने फोन लगाया। लेकिन उसका उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया। तब परिजनों ने स्कूल में फोन लगाया। तब पता चला कि धीरज स्कूल ही नहीं पहुंचा।
चचेरे भाई प्रमोद सिरौठिया ने बताया कि काफी तलाश करने के बाद धीरज का कोई सुराग नहीं लगा। तब मऊरानीपुर थाना और कनेरा चौकी में शिकायत दी। सीसीटीवी कैमरे देखे तो पता चला कि धीरज स्कूल न जाकर दूसरी दिशा में हाइवे से झांसी की ओर आया है। दो फरवरी को तलाश कर रहे थे, तभी मऊरानीपुर थाना पुलिस ने सूचना दी कि धीरज की बाइक बरुआसागर थाना में खड़ी है। तब हम लोग बरुआसागर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि एक फरवरी की रात 8 बजे धीरज की बाइक बेतवा नदी के पुराने पुल के ऊपर मिली थी। इसके बाद नदी में धीरज की तलाश शुरू की। सुबह रेलवे पुल के पास धीरज का शव बरामद हुआ। बहाव से उल्टी दिशा में शव मिलने से संदेह पैदा हो रहा है। शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।