तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बारिश ने खरीफ की फसलें लगभग चौपट कर दी हैं। खेतों में पानी भरने से फसलें सड़ने लगी हैं। इस आपदा से किसान सदमे में हैं। झांसी के पूंछ में फसल खराब होने से सदमे में आए किसान की मौत हो गई, जबकि ललितपुर में बर्बादी देख किसान बिलख पड़ा।
बारिश से नदी, नाले उफनाए हुए हैं। खेत लबालब हो गए हैं। खेतों में बोई गई उर्द, मूंग, मूंगफली के अलावा अन्य फसलें चौपट होने के कगार पर आ गई हैं। पूंछ के महराजगंज ढेरी निवासी राजाराम वंशकार (57) ने करीब चार बीघे खेत में तिल की फसल लगाई थी। बारिश से खेत में पानी भर गया।
इससे राजाराम तनाव में आ गया। वह बुधवार को खेत से घर लौटा। घर वालों ने खाना खाने को कहा, लेकिन उसने नहीं खाया। देर-रात सब सोने चले गए। राजाराम जागता रहा। फसल खराब होने के सदमे से रात में उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है हार्ट अटैक से राजाराम की मौत हुई है।
वहीं ललितपुर के तालबेहट अंतर्गत बिजरौठा गांव में उर्द की फसल सड़ने पर राजाराम अहिरवार फूट-फूटकर रोने लगा। राजाराम का कहना था कि उसने पैसा लेकर किसी तरह बुवाई की थी। उम्मीद थी कि इस बार अच्छी फसल होगी लेकिन कुदरत ने बर्बाद कर दिया।