फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: हवा में ही हिचकोले खा रहा झांसी का हवाईअड्डा

विज्ञापन
विज्ञापन
नए सिरे से की जा रही है जमीन की तलाश
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी का हवाई अड्डा पिछले 20 सालों से हवा में ही हिचकोले खा रहा है। इसके निर्माण को लेकर जारी कवायद अब तक रंग नहीं ला पाई है। अब नए सिरे से इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। वहीं, दतिया में हवाई अड्डे का निर्माण जारी है और ललितपुर में हवाई अड्डे के लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
झांसी में बीडा और डिफेंस कॉरिडोर के विकसित होने के बाद आने वाले दिनों में यहां औद्योगिक गतिविधियां बढ़नी तय है। लेकिन इसके लिए यहां हवाईअड्डे का होना भी बेहद जरूरी है। हालांकि, हवाई अड्डे की स्थापना के लिए यहां पिछले लगभग 20 साल से कवायद जारी है, लेकिन यह किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। पहले ग्वालियर रोड पर स्थित सेना की हवाई पट्टी को विकसित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह अपने मुकाम पर नहीं पहुंच पाई थी। इसके बाद ग्राफ सफा में हवाई अड्डे के लिए दो सौ एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की टीम ने इस जमीन का स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण भी किया था लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
विज्ञापन

बीडा में भी हवाई अड्डा बनाने की योजना तैयार की गई थी लेकिन यहां भी बात नहीं बन पाई। इसके बाद हाल ही में कानपुर रोड पर हवाई अड्डे के लिए जमीन चिह्नित की गई थी लेकिन इस प्रस्ताव को एएआई ने खारिज कर दिया था। एएआई का कहना था कि चूंकि दतिया में बनने वाले हवाई अड्डे को एयरपोर्ट का दर्जा दिया जा चुका है। ऐसे में नियमानुसार दतिया के हवाई अड्डे की 50 किमी की परिधि में किसी नए हवाई अड्डे मंजूरी नहीं दी जा सकती है। इसके बाद अब एक बार फिर नए सिरे से जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

0000000
फोटो
झांसी में हवाई अड्डे की स्थापना की दिशा में समस्याएं अलग किस्म की हैं। खासतौर पर बबीना सैन्य क्षेत्र की 20 किलोमीटर की परिधि में नो फ्लाई जोन है। हालांकि, इसके निर्माण के लिए रास्ता निकाला जा रहा है। जबकि, ललितपुर में हवाई अड्डे के निर्माण की कार्यवाही तेजी से जारी है। - अनुराग शर्मा, सांसद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें