बिहार के जिला भोजपुर निवासी दीपक शांडिल्य ने मंगलवार को पुलिस को सूचना दी थी कि उनके भांजे आशीष पाठक का अपहरण कर कुछ लोग झांसी ले गये हैं। यहां भांजे को पूँछ थाना इलाके के एक फार्म हाउस में बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई, जहां से आशीष को बरामद कर लिया गया।
इस मामले में पुलिस ने उरई के एक कॉलेज के प्रबंधक अनुराग यादव, झांसी के ज्ञानस्थली स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ विक्रम सक्सेना और फार्म हाउस के मालिक सुलेमान को गिरफ्तार कर किया है, जबकि 3 लोग फरार हैं।
एसएसपी राजेश एस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से डॉ विक्रम सक्सेना एक एनजीओ चलाता है। बिहार के कुछ लोगों ने उसकी एनजीओ को 10 करोड़ का फंड दिलाने का झांसा दिया था। इसके एवज में उन लोगों ने 4 लाख रुपए लिए थे।
झांसा देने वालों में अपहृत युवक आशीष भी शामिल था। दिए गए रुपए की वसूली के लिए यह लोग आशीष को लखनऊ से गाड़ी में डालकर झांसी ले आए थे। यहां एक फार्म हाउस में उसे तीन-चार दिनों से बंधक बनाए हुए थे। उसके साथ लगातार मारपीट की जा रही थी। परिजनों को वीडियो कॉल करवा कर रुपए की मांग की जा रही थी। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।