फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शुरू से ही शांत स्वभाव के थे जेई

विज्ञापन
sucide - फोटो : demo
विज्ञापन
प्रेमनगर के कृष्णा नगर कॉलोनी में रहने वाले जेई जयसिंह कुशवाहा की मौत से परिवार सदमे में है। उन्होंने सोमवार की रात इटावा में अपने सरकारी आवास में फांसी लगा ली थी। वे आखिरी बार दिसंबर 2019 में दादी के देहांत पर घर आए थे। बुधवार की दोपहर एंबुलेंस से शव इटावा से घर आने पर परिजनों में कोहराम मच गया। यह देख सभी की आंखें नम हो गईं। प्रेमनगर के कृष्णा नगर कॉलोनी में रहने वाले राजेंद्र सिंह कुशवाहा के दो बेटे व एक बेटी है। पत्नी शीला रेलवे कारखाना में खलासी के पद पर कार्यरत हैं। बेटी भारती की शादी 11 साल पहले हो चुकी है। अविवाहित बड़ा बेटा जयसिंह कुशवाहा (27) इटावा के रायनगर बिजली सबस्टेशन पर जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। वह सबस्टेशन में बने आवास में ही रहते थे। विभाग के विद्युत वितरण (ट्रांसमिशन) विंग में कार्यरत थे। 2018 में उनकी इस पद पर नियुक्ति हुई थी। इससे पहले जम्मू में एनटीपीसी में कार्यरत थे। यहां उन्होंने एक साल नौकरी की। सोमवार की रात उन्होंने अपने सरकारी आवास में फंदे से लटकर फांसी लगा ली थी। इस हादसे का पता लगने के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मंगलवार की शाम पिता राजेंद्र सिंह, रिश्तेदार शिवकुमार व एक दोस्त एंबुलेंस से इटावा रवाना हो गए थे, जो बुधवार की दोपहर शव लेकर लौट आए। कुछ वक्त बाद ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी मौत से पड़ोसी, रिश्तेदार और दोस्त सभी स्तब्ध हैं। वहीं, परिजनों ने बताया कि जयसिंह बेहद शांत स्वभाव के थे और छात्र जीवन में सिर्फ पढ़ाई से मतलब रखते थे। आखिरी बार वे दिसंबर में दादी लक्ष्मी देवी के देहांत पर घर आए थे। प्रतिदिन मोबाइल पर बात होती थी, लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि उन्हें कोई परेशानी हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें