संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सरकारी एवं निजी में 3500 से ज्यादा प्रवेश इस सत्र में लिए गए हैं। इनमें 400 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जो प्रवेश लेने के बाद पढ़ने ही नहीं आए हैं। अब इनकी तलाश की जा रही है। अफसर जब पड़ताल को संस्थानों में पहुंचे तो इसकी हकीकत सामने आई। अफसरों ने संस्थाओं को नोटिस भेजकर उपस्थिति का सत्यापन कराने समेत कारण बताओ नोटिस मांगा है।
दरअसल, शासन द्वारा आईटीआई में प्रवेश लेने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है। झांसी में पांच सरकारी समेत 50 प्राइवेट आईटीआई कॉलेज हैं। इनमें 3500 से ज्यादा प्रवेश हो चुके हैं। बायोमेट्रिक हाजिरी न होने की वजह से छात्र कक्षाओं में नहीं आते हैं। पिछले दिनों आईटीआई प्रधानाचार्य और संयुक्त निदेशक (आईटीआई) ने संयुक्त सर्वे किया तो प्राइवेट आईटीआई में कक्षाएं खाली मिलीं। अब इन संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। आईटीआई प्रधानाचार्य राजकुमार शाक्य के मुताबिक कक्षाओं में 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। अगर यह नहीं होगी तो नाम काट दिए जाएंगे। साथ ही संस्थान पर भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।