आयकर विभाग की जांच लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। इस दौरान आईटी टीमें कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी रहीं। लेन-देन के तमाम सुबूत व हार्ड डिस्क कब्जे में ली गईं।
आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार को घनाराम ग्रुप के सपा के पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह यादव व उनके भाई दतिया के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विशुन सिंह यादव, आनंद अग्रवाल, आईपी भल्ला, राकेश बघेल, दिनेश सेठी, विजय सरावगी, वीरेंद्र राय, संजय अरोड़ा व शिवा सोनी के यहां छापेमारी की थी। तब से लगातार टीमें पड़ताल में जुटी हुईं हैं।
आयकर विभाग के कर्मचारी बिल्डरों के घरों पर दिन-रात डेरा डाले हुए हैं। जबकि, बाहर पुलिस का कड़ा पहरा है। किसी को न अंदर आने दिया जा रहा है और न ही कोई बाहर आ पा रहा है। यहां तक कि सभी के मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिए गए हैं। आईटी टीमों का ध्यान इस ओर है कि रियल एस्टेट कारोबार में बिल्डरों के साथ-साथ किन-किन लोगों ने निवेश कर रखा है।
कारोबार में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से किन-किन की हिस्सेदारी है। इसके लिए कड़ी से कड़ी जोड़ी जा रही हैं। जांच में सामने आ रहा है कि किसी प्रॉपर्टी के मुखौटा पार्टनर तीन हैं, लेकिन इन तीनों पार्टनरों ने अपने-अपने हिस्से में कइयों से पार्टनरी कर रखी है। आईटी टीमें इसकी पूरी चेन तैयार कर रही हैं।