झांसी। दहेज हत्या के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अनुमति के बगैर फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगाने पर ललितपुर के सीओ
सदर अभय नारायण राय फंस गए। डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने झांसी के एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह को पूरे मामले की जांच सौंपी है। वहीं,
दहेज हत्या के मामले की विवेचना नए सिरे से अपर पुलिस अधीक्षक करेंगे।
मामला 2022 में दहेज हत्या का है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 304-बी के तहत दर्ज मुकदमे में पति शुभम सिंह सेंगर को गिरफ्तार
करके जेल भेज दिया। आरोपी करीब छह माह जेल में रहा। फरवरी में शुभम के जेल से बाहर आने के कुछ दिनों बाद ही मामले की
विवेचना कर रहे सीओ अभय नारायण ने उसका नाम मुकदमे से बाहर कर दिया। इसके साथ ही पूरे मामले में एफआर लगा दिया। सात
साल से अधिक सजा होने का मामला होने के बाद भी सीओ ने इसके लिए वरिष्ठ पुलिस अफसरों से इजाजत नहीं ली। विवाहिता के
परिजन शिकायत लेकर डीआईजी के पास पहुंचे। इस शिकायत पर डीआईजी ने यह कार्रवाई की।
विवेचना की निगरानी की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। विवेचनाओं की निगरानी अब पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे।
उनकी लिखित अनुमति के बाद ही किसी अभियुक्त का नाम विवेचना से अलग किया जा सकेगा।
- जोगेंद्र कुमार, डीआईजी