झांसी। चार बेटियां होने और बेटे की मौत के बाद आरपीएफ में तैनात दरोगा ससुर अपनी बहू को घर में रखने को राजी नहीं। उसने बहू को जबरन घर से बाहर निकल दिया। अब बेसहारा मां अपनी चार बेटियों को लेकर दर बदर की ठोकरें खा रही है। शुक्रवार को पीड़िता अपनी चारों बेटियों के संग एसएसपी कार्यालय पहुंच गई। यहां उसने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।
पीड़िता सुमन अहिरवार ने बताया कि 5 मई 2011 को उसका विवाह प्रेमनगर के हंसारी गांव निवासी रवि कुमार के साथ हुआ था। उनके चार बेटियां हुईं। बेटियों के होने से ससुराल के लोग उससे नाखुश रहते थे। अक्सर इस बात पर उसे ताना देते थे। रवि शराब पीने का आदी था। इस वजह से उसका लीवर खराब हो गया। वर्ष 2019 में उसकी मौत हो गई। इसके बाद से ससुराल में सुमन की प्रताड़ना का सिलसिला तेज हो गया। ससुर आरपीएफ में दरोगा है। रवि की मौत के कुछ साल बाद वह बेटियों को लेकर मायके में रही। कुछ समय पहले वह ससुराल वापस लौटी लेकिन, ससुराल के लोग घर में रखने को राजी नहीं हुए। दो दिन पहले ससुर ने बेटियों समेत उसे घर से बाहर निकाल दिया। ससुर का कहना था कि अगर एक बेटा होता तब वह उसे अपने घर में रख लेते। बेटियों की परीक्षा भी हो रही हैं। ऐसे में वह अपनी बेटियों संग एसएसपी कार्यालय के बाहर भूखी-प्यासी बैठकर न्याय मांग रही है।