झांसी। पेट्रोल, डीजल की कीमतें बढ़ने के कारण भाड़ा महंगा हुआ तो सब्जियों के दामों में भी इजाफा हो गया है। इसके अलावा कुछ इलाकों में 15 दिन पहले हुई बारिश के बाद खिली धूप से भी सब्जियां खराब हुई हैं। इन वजहों से अब लोगों की खाने की थाली महंगी हो गई है।
झांसी में खीरा, टमाटर, फूल गोभी, बैगन, पालक समेत हरी सब्जियां आसपास के क्षेत्रों से आती हैं। जबकि, आलू, प्याज, बड़ा टमाटर, अदरक बाहर से आते हैं। कुछ समय पहले तक सब्जियों के दामों में कमी बनी हुई थी मगर बारिश और तेल कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे के चलते अब मूल्यों में उछाल आ गया है। सबसे ज्यादा दाम शिमला मिर्च में बढ़े हैं, जो 30 रुपये किलो तक महंगी हो गई है। इसके अलावा बैंगन, प्याज, भिंडी, टमाटर, खीरा, तुरई, गोभी, चुकंदर से लेकर अदरक तक महंगी हो गई है।
राजस्थान, बंगलूरु टमाटर बाहर से आ रहा है
झांसी में मिलने वाला लोकल टमाटर खत्म हो गया है। इस वजह से अब राजस्थान और बंगलूरू से टमाटर मंगवाया जा रहा है। भाड़ा में ज्यादा पैसे खर्च होने की वजह से टमाटर के दाम बढ़ गए हैं।
ये आया अंतर
सब्जी अब 10 दिन पहले
बैगन 40 30
प्याज 30 25
भिंडी 40 30
टमाटर 30 20
खीरा 40 30
तुरई 25 20
गोभी 60 50
शिमला मिर्च 80 50
बंद गोभी 20 10
चुकंदर 40 30
अदरक 40 30
(नोट: फुटकर रेट प्रति किलो में।)
15 दिन पहले हुई बरसात के बाद तेज धूप पड़ने लगी। इस कारण हरी सब्जियों में नुकसान हुआ है। ऐसे में हरी सब्जियों की कीमतों में इजाफा हुआ है। - देवी सिंह कुशवाहा, हरी सब्जी मंडी अध्यक्ष।
लोकल का टमाटर खत्म हो गया है, इस कारण राजस्थान और बंगलूरू से आ रहा है। पेट्रोल की वजह से भाड़े भी बढ़ गया है। इस कारण कुछ सब्जी महंगी हुई हैं। - सुरेश कुमार, थोक सब्जी विक्रेता।