झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 30 जून से तीन जुलाई तक आयोजित चार दिवसीय वैज्ञानिक एवं किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के बालाघाट, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर, नरसिंहपुर, देवास, बेतुल, छिंदवाड़ा, इंदौर, पन्ना, रीवा एवं सहजपुर जिलों से आए 95 प्रतिभागियों, वैज्ञानिकों और किसानों ने हिस्सा लिया। समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे शोध, नवाचार और क्षेत्रीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाएं। किसान भाई अपने खेतों के छोटे-छोटे हिस्सों में प्राकृतिक खेती को अपनाकर अन्य ग्रामीण किसानों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करें। साथ ही वैज्ञानिक अपने अनुसंधान फॉर्म पर एक-दो एकड़ में प्राकृतिक खेती के मॉडल स्थापित करें, जिससे यह प्रदर्शन इकाई के रूप में किसानों के लिए मार्गदर्शक बन सके। कुलपति ने कृषि विज्ञान केंद्रों से भी अपील की कि वे इस दिशा में किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष शर्मा ने व डॉ. विश्वनाथ ने आभार जताया।