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आयकर छूट न बढ़ाकर कर्मचारियों के साथ सरकार ने किया धोखा

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झांसी। बजट में आयकर छूट नहीं बढ़ने से रेल कर्मचारियों में निराशा है। उनका कहना है कि सातवें वेतन आयोग में कर्मचारियों का वेतन तो बढ़ा दिया गया, लेकिन आयकर छूट नहीं बढ़ाई जा रही है। इससे साल में दो से तीन महीने का वेतन तो टैक्स चुकाने में चला जाता है। सातवें वेतन आयोग का कोई लाभ अभी तक कर्मचारियों को नहीं मिल सका। प्रोविडेंट फंड के ब्याज पर टैक्स लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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अभी साल में दो से तीन महीने का वेतन तो टैक्स भरने में ही चला जाता है। ऐसे में आयकर छूट न देकर सरकार ने कर्मचारियों के साथ कुठाराघात किया है।
- भानुप्रताप सिंह चंदेल, मंडल सचिव नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ।
कर्मचारी विरोधी बजट है। सरकार धीरे- धीरे सब कुछ निजी हाथों में देती जा रही है। भत्ते बंद होते जा रहे हैं। सब कुछ बर्बाद हो रहा है।
- आरएन यादव, मंडल मंत्री, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ
- रेलवे ढांचा को मजबूत बनाने के लिए बजट देना सराहनीय है। आयकर में छूट न देकर वेतन भोगियों में बेहद निराशा है।
- सीके चतुर्वेदी, मंडल मंत्री उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ।
- प्रोविडेंट फंड पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगाना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। कर्मचारी वर्ग ठगा सा महसूस कर रहा है।
- पवन झारखड़िया, रेल नेता।
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