फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी जमीन के तैयार होंगे दस्तावेज

विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी जमीन के तैयार होंगे दस्तावेज चौहद्दी तय करने को सैटेलाइट एवं ड्रोन कैमरों की ली जाएगी मदद आसान नहीं रहेगा ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे जमाना झांसी। आने वाले समय में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा जमाना आसान नहीं रह जाएगा। सरकार एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिए ग्रामीण इलाकों के रिहायशी क्षेत्रों की भी पैमाइश कराने जा रही। इसके जरिए गांव के प्रत्येक घर के साथ ही सरकारी भूमि की भी नापजोख होगी। उसे खतौनी की तर्ज पर दस्तावेजों में दर्ज किया जाएगा। यह सर्वे जल्द ही आरंभ होने वाला है। ग्राम पंचायतों की सरकारी जमीन पर सबसे अधिक अवैध कब्जे हैं। इनको लेकर विवाद भी अक्सर होते हैं। तमाम ऐसे मामले भी सामने आते हैं जिसमें सरकारी जमीन के दस्तावेज तक गायब करा दिए गए। इसी तरह गांवों में आबादी की जमीन को लेकर भी काफी विवाद होते हैं। कागजी सुबूत न होने से यह मामले जल्दी निपट नहीं पाते। इसे खत्म करने के लिए सरकार ने ग्रामीण इलाकों में आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वे कराने का निर्णय लिया। झांसी की सभी 496 ग्राम पंचायतों में यह सर्वे होना है। पंचायती राज अधिकारियों के मुताबिक सैटेलाइट एवं ड्रोन कैमरों से गांव के आबादी वाले इलाकों का सर्वे होगा। इसमें ग्राम सभा की जमीन की भी पैमाइश होगी। इसको मिलाकर एक डिजीटल डेटा तैयार होगा। जिसे राजस्व विभाग सुरक्षित रखेगा। सैटेलाइट मैपिंग के बाद सरकारी जमीन एवं निजी भूमि के बारे में सटीक जानकारी हासिल की जा सकेगी। इसके जरिए आबादी की जमीन में रास्ता, मुख्य मार्ग, संपर्क मार्ग कहां से है। उसकी लंबाई-चौड़ाई कितनी है। नाली कहां से बह रही है आदि के बारे में आसानी से मालूम किया जा सकेगा। विवाद की दशा में इसकी मदद से निपटारा होगा। अधिकारियों का कहना है इसके जरिए स्टांप चोरी में भी रोक लग सकेगी। सर्वेक्षण विभाग, राजस्व एवं पंचायती राज विभाग मिलकर इस काम को करेंगे। डीपीआरओ जगदीश राम के मुताबिक जल्द ही इसका काम शुरू होना है। इनसेट बड़ागांव ब्लॉक से शुरू होगा काम सर्वेक्षण का यह काम बड़ागांव ब्लॉक के गांवों से शुरू करने की योजना है। इसके तहत पहले चार-चार गांव चुने जाएंगे। सर्वे के बाद सभी को क्षेत्रफल एवं उसके मालिकाना संबंधी स्वामित्व प्रमाण पत्र दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन गांवों को चुने जाने का काम कराया जा रहा है। इनके चयन के साथ ही यहां काम शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें