जिले में गर्मियाें में पेयजल किल्लत को लेकर बुधवार को डीएम ने विकास भवन सभागार में बैठक के दौरान निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जिले में पेयजल समस्या ना हो इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां कर ली जाएं। हैंडपंप की मरम्मत के साथ रीबोर कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं।टैंकर से पेयजल आपूर्ति के स्थलों को चिन्हित करते हुए रोडमैप तैयार कर लिया जाए। जिले में पेयजल आपूर्ति की शिकायत प्राप्त होती है तो उसे गंभीरता लेते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में 520 हैंड पंप रीबोर हेतु अवशेष हैं। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि सभी हैंडपंप जल्द सुधार लिए जाएं। शहरी क्षेत्र में 241 हैंडपंप रीबोर किए जाने हैं, जल संस्थान इन्हें जल्द रीबोर कराएं। डीएम ने टैंकर द्वारा पेयजल आपूर्ति हेतु पॉइंट की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता जल संस्थान ने बताया कि नगर निगम में 362 स्थानों पर टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार मऊरानीपुर में 73, गरौठा में 30, गुरसराय में 80 तथा रानीपुर में 33 स्थानों पर टैंकर से जलापूर्ति की जाती है। जिले में लगभग 447 तालाब और जलाशय हैं। सभी को नहरों के माध्यम से भरा जाना है। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई बेतवा प्रखंड को निर्देश देते हुए कहा कि तालाबों को कैसे भरा जाएगा, उसका एक्शन प्लान बना लें ताकि समय से तालाब भराई का कार्य पूर्ण हो सके। डीएम ने कहा कि योजनाएं आंशिक रूप से बंद हैं, उन्हें ठीक कराते हुए संचालित किया जाए। इस मौके पर सीडीओ निखिल टीकाराम फुं डे, एडीएम राम अक्षयवर चौहान, अधिशासी अभियंता बेतवा उमेश कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान कुलदीप सिंह, डीपीआरओ जगदीश राम गौतम मौजूद रहे।