अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को अमर उजाला कार्यालय में हुए संवाद में होटल मैनेजर और ट्रैवल एजेंटों ने झांसी में पर्यटन विकास पर अहम सुझाव दिए। कहा कि कोई पीपीपी मोड पर पर्यटन स्थलों को विकसित करने की योजना बनाता है तो सिंगल विंडो सिस्टम होना चाहिए। आसानी से ऋण मिले। पर्यटन स्थलों का विकास हो, तभी झांसी में भी सैलानियों की भरमार होगी। बुंदेलखंड ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिरुद्ध रावत ने बताया कि पर्यटन विभाग को ट्रैवल एजेंट को झांसी समेत प्रदेश के पर्यटन स्थलों की परिचय यात्रा करवानी चाहिए। इससे उन्हें भी पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी हो सकेगी। फिर वो देश-विदेश से आने वाले लोगों को झांसी के पर्यटन स्थलों की सैर करवा सकें। दूसरी तरफ, पर्यटन स्थलों का विकास भी बहुत जरूरी है। जनप्रतिनिधियों को भी पर्यटन स्थलों पर जाकर उनकी फोटो और वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से अपलोड करनी चाहिए। एमपी टॉप ट्रैवल्स के बीएम खान ने कहा कि ट्रैवल टैक्सी जब एक से दूसरे राज्य की सीमा में प्रवेश करती हैं तो पुलिस बेवजह गाड़ियों को रोकती है। तरह-तरह के दस्तावेज मांगती है। ऐसे में पर्यटक को भी इंतजार करना पड़ता है। ये नहीं होना चाहिए। स्वास्तिक ट्रैवल के विक्रम सब्बरवाल ने कहा कि गढ़मऊ समेत झांसी की झीलों को प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति इसके लिए पहल करे तो सरकार को भी अनुदान देना चाहिए। कहा कि बुंदेलखंड का मध्य प्रदेश वाला हिस्सा पर्यटन के तौर पर फल-फूल रहा है क्योंकि वहां पर ऋण आसानी से मिल जाता है। वेबसाइट पर ट्रैवल एजेंट का पंजीकरण भी आसानी से हो जाता है। सनराइज होटल के अर्पित सेठ और बुंदेलखंड ट्रैवल्स के फिरोज ने कहा कि झांसी में भी गाइड्स के लिए कोर्स शुरू होना चाहिए। अभी झांसी में ही कई प्रमुख पर्यटक स्थलों के बारे में लोग नहीं जानते हैं। गाइड बढ़ेंगे तो यहां की संस्कृति, पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार होगा। होटल एंबियंस के अरविंद पटेरिया ने कहा कि जब कोई पर्यटक आता है तो झांसी के पर्यटन स्थलों के बारे में पूछता है। महानगर में लगी एलईडी पर इन पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार करना चाहिए। माई हैप्पी वेकेशन के राहुल इंदापुरकर ने कहा कि यूपी में ट्रैवल एजेंट को पंजीकरण कराने में काफी मुश्किलें होती हैं। झांसी से सटे मध्य प्रदेश के खजुराहो, पन्ना आदि जगहों पर काफी पर्यटक जाते हैं। उन्हें झांसी में ठहरने या पर्यटन स्थलों पर घूमने के लिए प्रयास होने चाहिए। यहां पर हेरिटेज टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। बालाजी ट्रैवल्स के चंद्र कुमार सोनी ने कहा कि झांसी को लेकर कॉफी टेबल बुक तैयार हुई है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। झांसी के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का भी सहारा लिया जा सकता है। नटराज सरोवर पोर्टिको के अमित सुड़ेले ने कहा कि रेलवे स्टेशन के बाहर पर्यटन स्थल और होटल की सूची होनी चाहिए। बाहर से आने वाले पर्यटक को पता चल सके कि यहां घूमने के लिए कौन-कौन से स्थल हैं। नटराज सरोवर के कौशल तिवारी ने कहा कि इस समय मिलेट्स से बने व्यंजनों को हर कोई पसंद कर रहा है। बुंदेलखंड को मिलेट्स व्यंजनों का हब बनाकर भी पर्यटकों को यहां आने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। बुंदेलखंड फूड फेस्टिवल जैसे कार्यक्रम समय-समय पर होते रहने चाहिए। रिजेंट पैलेस झांसी के अनिरुद्ध बनर्जी ने कहा कि होटल, ट्रैवल एजेंट और पर्यटन विभाग के बीच तालमेल और अच्छे संबंध होने चाहिए। अभी बाहर से आने वाले लोग झांसी में रुकना नहीं चाहते हैं।