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नवजात का शरीर गर्म हो रहा तो बुखार न समझें : डॉ. कनकने

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झांसी। गर्मी में तापमान बढ़ने से नवजात बच्चों (30 दिन के) का शरीर गर्म हो रहा है, जो बुखार नहीं है। परिजन बुखार मानकर दवा देने की भूल कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में ऐसे रोजाना करीब 30 बच्चे आ रहे हैं, जिनमें से दो ही बुखार रोगी मिल रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आराधना कनकने ने बताया कि नवजात बच्चे के शरीर में तापमान रेग्युलेशन सिस्टम डवलप नहीं हो पाता है, इससे उनको पसीना नहीं आता। पसीना शरीर के तापमान को सामान्य बनाने में मदद करता है और पसीना नहीं आने से नवजात का शरीर गर्म हो जाता है, जो बुखार नहीं होता। उन्होंने बताया कि सबसे पहले नवजात को सूती कपड़े पहनाएं और गर्म कपड़े से नहीं लपेटें। यदि शरीर ज्यादा गर्म हो रहा है, तो हल्के गीले कपड़े से शरीर को पोंछ दें। नवजात काे ठंडे कमरे में रखें। 24 घंटे में बच्चे का सात-आठ बार पेशाब करना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से परामर्श करके उपचार करवाएं। ब्यूराे
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