- मेडिकल कॉलेज के डॉ. नूतन अग्रवाल ने कहा - घाव को धोएं और सीधे अस्पताल लेकर आएं
- बारिश शुरू होने के साथ ही बढ़ जाती हैं सर्पदंश की घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। वर्षा शुरू होते ही सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सांप डसे तो न चीरा लगाएं और न ही उस जगह को बांधें। बिना घबराए सीधे अस्पताल लेकर आएं।
मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. नूतन अग्रवाल ने बताया कि सर्पदंश पीड़ितों की संख्या इमरजेंसी में बढ़ने लगी है। कुछ दिन पहले तक सप्ताह में एक-दो पीड़ित ही आ रहे थे। हल्की बारिश होते ही यह संख्या पांच-छह तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि सांप के डसने से हुए घाव को पानी से तुरंत साफ करें। रस्सी या कपड़ा बांधने से केमिकल सेल्युलाइटिस का खतरा रहता है। वहीं, चीरा लगाने से बैक्टीरियल इंफेक्शन हो जाता है। इससे रोगी की हालत ज्यादा बिगड़ जाती है।
0- सांस लेने में होती है तकलीफ
डाॅ. नूतन अग्रवाल ने बताया कि रोगी को अस्पताल लाने में देरी होने पर जहर से नर्वस सिस्टम बिगड़ने लगता है। इससे सांस लेने में दिक्कत होती है और दम घुटने लगता है। ऐसे गंभीर रोगियों को एंटी स्नेक वेनम की डोज देकर वेंटिलेटर पर रखा जाता है। दवाओं के प्रभाव से जहर शरीर से निकल जाता है और रोगी स्वस्थ हो जाता है।
0- घातक है सेल्युलाइटिस
सेल्युलाइटिस त्वचा का संक्रमण है, जो ऊतकों में फैलता है। यदि एंटीबायोटिक दवाओं से तुरंत इलाज न किया गया तो स्थिति गंभीर हो जाती है। कभी-कभी सेल्युलाइटिस से बैक्टीरिया रक्त में फैल जाता है। सांप के जहर में कई एंजाइम और विषाक्त पदार्थ होते हैं। इन पदार्थों से रक्त प्रवाह पर असर पड़ता है और गुर्दा ठीक से कार्य नहीं कर पाता।
0- वर्जन
सांप ने जिस अंग को डसा है, उसे रस्सी या कपड़े से नहीं बांधना चाहिए। न ही जहर निकालने के लिए गहरा चीरा लगाना चाहिए। सांप के काटने के स्थान पर खून है, तो तुरंत साफ पानी से धोएं और मेडिकल कॉलेज लेकर आएं। बांधना अथवा चीरा लगाना रोगी के लिए काफी घातक होता है।
डॉ. एनके सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज