झांसी। शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र में एक अनोखा मामला पहुंचा। जहां पति ने गर्भवती पत्नी को साथ रखने से मना कर दिया। इतना ही नहीं उसने बच्चे को अपना मानने से भी इन्कार किया।
महिला थाना में शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र लगा। जिसमें 24 मामलों में दंपतियों की काउंसलिंग की गई। जिसमें चार मामलों में आपसी समझौता हो गया। जबकि दो दंपतियों ने मामला कोर्ट तक ले जाने की बात कही। वहीं एक मामले को अगली तारीख दी गई। अपनी शिकायत लेकर पहुंची एक महिला ने बताया कि उसका पति उसे साथ रखने को तैयार नहीं है। वह उसे आए दिन प्रताड़ित करता था, ससुराल के लोग भी उसे गलत बोलते थे। जबकि वह गर्भवती है, इसके बावजूद ससुरालजन साथ रहने नहीं दे रहे। वहीं पति ने प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि वह अपनी पत्नी को साथ नहीं रखेगा। उसने कहा कि यह बच्चा भी उसका नहीं है। देर शाम तक दोनों पक्षों में पंचायत चलती रही। बाद में मेडिकल जांच कराने को कहकर दोनाें को घर भेजा, साथ ही अगली सुनवाई पर बुलाया गया। परिवार परामर्श केंद्र में महिला थानाध्यक्ष किरन रावत, मंजू देवी, दीपमाला, संध्या, रजनी रहीं। साथ ही परामर्श समिति की सदस्य डॉ. नीति शास्त्री, स्वप्निल मोदी, अमृता गुप्ता, कंचन आहूजा, ऊषा सेन, शालिनी गुरबक्शानी, आलिया एजाज आदि उपस्थित रहे।