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कोरोना मरीजों को भर्ती करने से होटलों ने कदम वापस खींचे

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बगैर लक्षण वाले अथवा बहुत ही कम कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों के लिए महानगर के चार होटल चिह्नित किए गए थे। लेकिन, इनमें से तीन होटलों ने अपने पांव वापस खींच लिए गए हैं। इसके अलावा नये होटल भी सामने नहीं आ रहे हैं। रविवार को केवल एक होटल में कोरोना के आठ मरीजों को दाखिल किया गया है। जिले में कोरोना वायरस बेकाबू हो जाने की वजह से मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में बने कोविड अस्पताल के लगभग सभी वार्ड भर चुके हैं। ऐसे में बिना लक्षण वाले मरीजों को बड़ागांव, बबीना और बरुआसागर सीएचसी में भर्ती किया जा रहा है। इसके अलावा जिला प्रशासन ने महानगर में चार होटलों को कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती करने के लिए चिह्नित किया था। यहां आइसोलेशन की सुविधा सिर्फ बिना लक्षण वाले अथवा बहुत ही कम कोविड-19 के लक्षण वाले मरीजों के लिए बनाई गई थी। भुगतान भी आवासित व्यक्तियों को खुद वहन करना था। इन चार होटलों में 75 कमरों की व्यवस्था की गई थी। लेकिन, इनमें से तीन होटलों ने अपने कदम वापस खींच लिए हैं। उन्होंने कहा कि होटल का स्टाफ इसके लिए तैयार नहीं है। केवल एक होटल इस पर राजी हुआ है। रविवार को उसमें आठ मरीजों को पहुंचाया गया। इन तीनों होटलों द्वारा मना करने के बाद प्रशासन द्वारा अन्य होटलों से भी संपर्क साधा गया है, लेकिन अब तक बात नहीं बन पाई है। निजी अस्पताल भी नहीं आ रहे आगे झांसी। कोरोना मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज करने के लिए प्रशासन द्वारा निजी अस्पतालों से भी संपर्क साधा जा रहा है, लेकिन अब तक किसी अस्पताल की ओर से रुचि नहीं दिखाई गई है। फिलहाल कोरोना के सभी मरीजों का इलाज सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है। चिह्नित होटलों ने कदम वापस खींच लिए हैं। निजी अस्पताल भी कोरोना मरीजों के इलाज में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से लगातार होटलों व निजी अस्पतालों से संपर्क साधा जा रहा है। पूरी कोशिश है कि मरीजों को जल्द ही उक्त सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
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