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चीनी छात्रों को होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराने से बीयू का इन्कार

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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने चीनी छात्रों को होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराने से साफ इन्कार कर दिया है। कोरोना काल से पहले चीन के एक अधिकारी ने 120 छात्रों को बीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (आईटीएचएम) में पढ़ने भेजने के लिए प्रस्ताव दिया था। फिर महामारी शुरू हो जाने के बाद ये मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब बीयू अधिकारियों ने इसकी फाइल पूरी तरह बंद कर दी है।
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वर्ष 2019 में कोरोना काल से पहले चीन के एक अधिकारी ने बीयू से संपर्क साधा था और कहा था कि वो आईटीएचएम में अपने यहां के इंटरमीडिएट पासआउट छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं। चूंकि, आईटीएचएम में 12वीं पास छात्रों के लिए दो कोर्स इंटीग्रेटेड बैचलर/मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी और बीबीए टूरिज्म चलते हैं। इन दोनों कोर्सों में चीन 60-60 छात्रों का बैच भेजने के लिए तैयार था। चीनी अधिकारी की ओर से हुई पहल के बाद बीयू में भी एमओयू को लेकर गतिविधियां तेज हो गई थीं। उसी साल के अंत तक चीन में कोरोना महामारी फैलने लगी। भारत में भी कोरोना की दस्तक के बाद केस बढ़े तो मार्च 2020 में लॉकडाउन हो गया। कोविड की दूसरी लहर तो और भी खतरनाक आई। अब हाल ही में चीन ने कुछ भारतीय छात्रों को दो साल बाद वीजा जारी करने की घोषणा की है। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने भी चीन में मेडिकल की पढ़ाई के बाद कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होने को लेकर भारतीय छात्रों को वहां जाने से आगाह किया है। इसको मद्देनजर बीयू ने भी अपना रुख साफ कर लिया है कि चीन से किसी भी तरह का एमओयू नहीं किया जाएगा।
दोगुनी फीस देने को तैयार था चीन
बीयू के अधिकारियों ने बताया कि चीन अपने छात्रों को आईटीएचएम विभाग में पढ़ाने के लिए दोगुनी फीस देने तक को तैयार था। चीन के अधिकारी ने बीयू प्रशासन को बताया था कि उनके यहां सरकार विदेशी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की फीस खुद देती है।
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कोरोना काल के पहले चीन ने 120 छात्रों को आईटीएचएम में पढ़ाने के लिए हमसे संपर्क किया था। उस समय एमओयू नहीं हो सका और फिर कोरोना महामारी शुरू हो गई। अब कोविड थम गया है मगर जिस मुल्क के संबंध हमारे देश से अच्छे न हो, उससे कोई अनुबंध नहीं होगा। अब ये फाइल पूरी तरह से बंद हो गई है। - प्रो. सुनील काबिया, निदेशक, आईटीएचएम, बीयू।
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