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हॉस्टल छोड़कर गईं 63 छात्राएं अभी नहीं लौटीं, पॉलिटेक्निक प्रशासन कर रहा फोन

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झांसी। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक के हॉस्टल की छत पर किसी के होने के आभास के बाद दहशत में आईं छात्राएं बुधवार को हॉस्टल छोड़कर अपने घर चलीं गईं थीं। बृहस्पतिवार को भी वो वापस नहीं लौटीं। हालांकि, पॉलिटेक्निक प्रशासन की तरफ से सभी को फोन भी कराए गए। वहीं, एसपी सिटी भी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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मंगलवार रात 12:30 बजे छात्राओं को छात्रावास की छत पर किसी के होने की आहट सुनाई दी थी। उन्हें ऐसा लग रहा था कि जैसे छत पर कई लोग चल रहे हों। एक नहीं बल्कि कई छात्राओं ने चलने की आवाज सुनने की बात कही थी। मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो कुछ ही देर में ग्वालियर रोड चौकी की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान कुछ नहीं मिला। बुधवार को सभी 63 छात्राओं ने हॉस्टल खाली कर दिया था। बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट अंकुर श्रीवास्तव, एसपी सिटी राधेश्याम राय, सीओ सिटी राजेश कुमार राय, सीपरी बाजार थाना प्रभारी जेपी पाल, महिला थाना प्रभारी नीलेश कुमारी आदि ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं, इस घटना के बाद पूरे कैंपस में दहशत का माहौल हो गया है। मुख्य छात्रावास की छात्राएं तो अब तक लौटी ही नहीं हैं। वहीं, दूसरे हॉस्टल तक इस घटना का खौफ रहा। वहां जिस छात्रा को हॉस्टल में अकेला रूम आवंटित हुआ था, वो दूसरी छात्राओं के कमरे में चली गईं।
काटी जाने लगीं झाड़ियां
पॉलिटेक्निक कैंपस में चारों तरफ बड़ी-बड़ी झाड़ियां हैं। हॉस्टल के आसपास भी झाड़-झंखाड़ है। बृहस्पतिवार को हॉस्टल के पास की झाड़ियों की कटाई शुरू हो गई।
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छात्राओं को फोन करके बुलाया जा रहा
पॉलिटेक्निक में पढ़ने वाली छात्राओं ने बताया कि जो भी स्टूडेंट्स अपने घर गई हैं, उन्हें शिक्षक फोन करके वापस आने के लिए कह रहे हैं। छात्राओं से कहा गया है कि 10 अक्तूबर से नियमित कक्षाएं लगेंगी।
ये बोलीं छात्राएं
मुख्य छात्रावास की घटना के बाद हमारे हॉस्टल की छात्राएं भी डरी हुई हैं। कोई भी छात्रा रात में अकेले कमरे में नहीं सोई। दो या फिर तीन छात्राएं एक साथ रूम में रहीं। - सृष्टि मिश्रा।
हकीकत क्या है ये नहीं पता लेकिन इसके बाद से कैंपस में सभी छात्राएं दहशत में आ गई हैं। हॉस्टल के बाहर भी सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती होनी चाहिए। - अंशिका मिश्रा।
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