झुंड बनाकर जगह-जगह रास्ता रोके बैठे रहते हैं अन्ना जानवर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। भारी-भरकम टोल चुकाने के बाद भी हाईवे का सफर सुरक्षित नहीं है। जगह-जगह अन्ना जानवर झुंड बनाकर रास्ता रोके बैठे रहते हैं। इनसे बचने के चक्कर में कई दफा वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाते हैं। पिछले डेढ़ साल में हाईवे पर 173 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें अधिकांश की मौत अन्ना जानवरों के चलते हुई।
झांसी से होकर चार प्रमुख हाईवे गुजरते हैं। साठ किलोमीटर के लिए करीब 180-250 रुपये टोल चुकाना पड़ता है लेकिन, हाईवे पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। प्रत्येक हाईवे पर अन्ना पशुओं का जमघट है। कहीं डिवाइडर पर बैठे दिखेंगे तो कहीं हाईवे के किनारे। ये कब बीच सड़क पर आ जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। रात के अंधेरे में तो कई दफा सड़क पर बैठे पशु नजर नहीं आते और हादसे हो जाते हैं। झांसी-खजुराहो, झांसी-ग्वालियर एवं झांसी-ललितपुर हाईवे पर ऐसे हादसे सर्वाधिक होते हैं।
वहीं, एनएचएआई परियोजना प्रबंधक सुनील जैन का कहना है कि हाईवे के किनारे के गोआश्रय स्थलों से पशुओं को छोड़ने से यह समस्या आती है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
केस एक
ग्यारह लोगों की चली गई जान
झांसी-कानपुर हाईवे पर चिरगांव के पास सड़क दुर्घटना में 11 लोगों की जान चली गई। ट्रैक्टर के सामने अचानक अन्ना जानवर आने से यह हादसा हुआ था। इसमें सात महिलाओं समेत चार बच्चों की मौत हुई थी।
केस दो
कार सवार पिता-पुत्र की हो गई थी मौत
शिवपुरी हाईवे पर कार में सवार होकर शिवपुरी से झांसी की ओर आ रहा एक परिवार अन्ना पशु की वजह से हादसे का शिकार हो गया था। पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि परिवार के अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
केस तीन
डिवाइडर से कूदे जानवर, तीन की चली गई जान
शिवपुरी हाईवे पर दतिया के चिरुला में कार के आगे अचानक डिवाइडर से कूद कर जानवरों का झुंड आ गया। गाड़ी असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी।
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इन रास्तों में सबसे बड़ा खतरा
झांसी- कानपुर हाईवे 36
झांसी- शिवपुरी हाईवे 27
झांसी- ललितपुर हाईवे 39
झांसी- ग्वालियर हाईवे 41
झांसी- खजुराहो हाईवे 30