आगरा जेल में झांसी के एक आजीवन कारावास के बंदी की कोरोना संक्रमण से हुई मौत के बाद जिला कारागार में हाईअलर्ट कर दिया गया है। यहां स्पेशल टॉस्क फोर्स गठित कर दिन भर बंदियों का बुखार जांचा जा रहा है। दिन में तीन बार स्क्त्रस्ीनिंग शुरू कर दी गई है। दो बार जेल का कोना-कोना भी सैनिटाइज किया जा रहा है। कैदियों को मास्क लगाने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। जिला कारागार में हाई अलर्ट करने के साथ ही स्पेशल टास्क फोर्स गठित कर दिया है। इसमें जेल के चिकित्सक के साथ-साथ जेल के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह फोर्स बंदियों की जांच करने के साथ ही उनका बुखार, खांसी व जुकाम को जांच रहे हैं। कैदियों को भी सुरक्षा बतरने के निर्देश दिए गए हैं। जेल में साबुन व सैनिटाइजा भी बांटे जा रहे हैं। हर समय मास्क लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में जिला कारागार ओवरलोड है। 450 की क्षमता वाली इस जेल में एक हजार से अधिक कैदी हैं। ऐसे में कैदियों में दहशत का माहौल है। फिलहाल, बंदी भी अपनी सुरक्षा का ख्याल रखते हुए पूरा ध्यान रख रहे हैं। 14 दिसंबर 2019 को आगरा जेल किया था शिफ्ट दिसंबर में 50 से अधिक बंदियों की जेल बदली गई थी। इसमें झांसी जेल से आजीवन कारावास के अभियुक्त को 14 दिसंबर 2019 को आगरा जेल शिफ्ट किया गया था। इसके बाद अचानक वह कोरोना संक्त्रस्मित होने के बाद मौत से जेल में हड़कंप मचा हुआ है। नए बंदी को किया जा रहा क्वारंटीन जेल में हर तरह की सतर्कता बरती जा रही है। जेल में आने वाले नए बंदी को पहले जेल के अस्पताल में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाता है। उसके बाद ही उसे बैरक में शिफ्ट किया जाता है। जेल में आने वाले कर्मियों की भी बाहर जांच के बाद ही इंट्री मिलती है। जेल के अंदर पूरी सावधानी के निर्देश दिए हैं। जेल में बंदियों की सुरक्षा का पूरा याल जा रहा है। स्पेशल टॉस्क फोर्स के साथ-साथ चिकित्सकों की टीम भी लगातार निगरानी कर रही है। यहां बंदी पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनके रहने व खाने-पीने से लेकर पूरा ध्यान जा रहा है। जेलकर्मी भी पूरी सावधानी बरत रहे हैं। राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक