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Jhansi News: पीआईसीयू के अंदर ही होगी हृदय की जांच और एक्स-रे

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- तेजी से किया जा रहा 42 बेड का पीआईसीयू बनाने का काम
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- सीपैप, एचएफएनसी के अलावा सेंट्रल सक्शन मशीन लगेगी

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज के 42 बेड की पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) बनने का काम अंतिम चरण में है, जो सितंबर में शुरू होगा। इसमें अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरण के साथ ही हृदय रोग की जांच और एक्सरे आदि भी होंगे।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग की वर्तमान में चल रहे पीआईसीयू में 12 बेड हैं। इसमें आने वाले रोगियों की संख्या काफी होती है। इस वजह से एक-एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर उपचार किया जाता है। ऐसे में यदि कोई गंभीर बच्चा आता है, तो काफी दिक्कत होती है। मजबूरन लोगों को अपना बच्चा बाहर किसी नर्सिंगहोम में भर्ती कराना पड़ता है। ऐसी समस्या आए दिन आती रहती है। इसके चलते मेडिकल कॉलेज अब 42 बेड का पीआईसीयू तेजी से बनवा रहा है, जो अक्तूबर तक शुरू हो जाएगा। इसमें 12 बेड अति गंभीर और 30 बेड गंभीर बीमार बच्चों के लिए होंगे। इसमें अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरण जैसे वेंटिलेटर, सीपैप, हाईफ्लो नेजल कैनुला मशीन (एचएफएनसी), इन्फ्यूजन पंप होंगे। हृदय रोग की जांच के लिए इको मशीन भी होगी। डिजिटल एक्स-रे मशीन रहेगी। ताकि, जरूरत पड़ने पर वार्ड में ही एक्स-रे किया जा सके। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। सेंट्रल सक्शन मशीन लगेगी, जिससे इंफेक्शन की बहुत कम संभावना होगी। इसके अलावा एयर हैंडलिंग यूनिट भी लगाई लगेगी।
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बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि 42 बेड की पीआईसीयू बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। सितंबर के अंतिम सप्ताह तक इसके चालू होने की संभावना है।
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