झांसी। मेडिकल कॉलेज से मरीजों को लाने के लिए नर्सिंगहोम द्वारा एजेंटों के फैलाए गए जाल पर बड़ी कार्रवाई करने के निर्देश स्वास्थ्य मंत्री पुलिस और प्रशासन के अफसरों को दे गए। मंत्री ने साफ कहा कि निजी अस्पतालों के एजेंटों को चिह्नित करें। ऐसे नर्सिंगहोम के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। किसी भी हाल में मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज का एजेंट बाहर न ले जा पाएं।
मरीजों की सौदेबाजी का मामला अमर उजाला लगातार उठाता रहा है। इसकी गूंज शासन तक पहुंची। जब शासन से निर्देश आए तो पुलिस ने जाल बिछाकर आठ लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। सूत्रों ने बताया कि पुलिस की इस कार्रवाई में बड़ी मछलियां तो बच गईं। रविवार को मेडिकल कॉलेज में जब डिप्टी सीएम से इसको लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अब यहां एक भी एजेंट नहीं दिखेगा। अस्पतालों के एजेंट के खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री डीएम रविंद्र कुमार और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर के साथ अलग से बात करने लगे। सूत्रों ने बताया कि मंत्री ने दोनों अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक भी एजेंट कॉलेज परिसर में घुस न पाए। जांच कराकर पता लगाएं कि कौन-कौन से नर्सिंगहोम इस सौदेबाजी में लिप्त हैं। उनका लाइसेंस निरस्त किया जाए। सरकारी अस्पतालों को पर्याप्त बजट दिया जा रहा है। लगातार सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। जल्द ही मरीजों की सौदेबाजी का नेटवर्क तोड़ा जाए।
सीसीटीवी कैमरे बढ़ाएं और बेरिकेडिंग लगाएं
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज कैंपस में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य गेटों पर बेरिकेडिंग भी लगाई जाए। ताकि, कोई एजेंट एंबुलेंस से मरीज को बाहर न ले जा पाए। खासकर रात में निगरानी को बढ़ाया जाए।
डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ने जो भी निर्देश दिए हैं, उनका पूरा पालन किया जाएगा। कैंपस में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।