झांसी। केंद्रीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (ग्रासलैंड) ने बरसीम की सफाई के लिए डफिंग मशीन बनाई है। मेक इन इंडिया के तहत बनी इस मशीन से 20 मिनट में दस किलो बरसीम से खरपतवार साफ हो रही है। साथ ही बीज भी निकाला जा सकता है।
ग्रासलैंड में बड़े पैमाने पर बरसीम की खेती की जाती है। साथ ही यहां से किसानों को बरसीम का बीज भी उपलब्ध कराया जाता है। अब तक बरसीम का बीज निकालने के दौरान बीज के साथ खरपतवार भी खेतों में पड़ जाती थी। इससे जहां बीज के अंकुरण में दिक्कत आती थी तो दूसरी ओर अन्य घास उग जाने से बरसीम को नुकसान पहुंचता था। समस्या से छुटकारे के लिए केंद्रीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (ग्रासलैंड) ने अपने यहां डफिंग मशीन तैयार की है। इस मशीन को इस प्रकार से विकसित किया गया है कि इसके एक बॉक्स में बरसीम डाली जाएगी और फिर मशीन बरसीम में शामिल खरपतवार को खुद ही अलग कर देगी। खास बात है कि पूरी प्रक्रिया में 20 मिनट का समय लगता है।
छोटे-बड़े बीज को भी अलग करती है मशीन
ग्रासलैंड में विकसित डफिंग मशीन कई तरह से लाभकारी है। मशीन छोटे-बड़े बीजों को खरपतवार से अलग कर बॉक्स में पहुंचा देती है। खास बात है कि मशीन की लागत किसान के पास उपलब्ध संसाधन पर निर्भर करती है। इसमें कई पार्ट घरेलू सामान से भी तैयार हो जाते हैं।
संस्थान के वैज्ञानिकों और टेक्नीशियन ने आधुनिक मशीन तैयार की है। इससे बरसीम का बीज और खरपतवार अलग करने में बहुत कम समय लगता है। किसान इसे अपने खेत पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
- डॉ. विजय कुमार यादव, निदेशक, ग्रासलैंड।