बाल विवाह पर तेजी से लगे अंकुश- राज्यपाल
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति/ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को गर्भ संस्कार का कोर्स शुरू करना चाहिए। इसमें गर्भवती महिलाओं को खानपान समेत अन्य जानकारी देनी चाहिए। क्योंकि, गर्भ से ही बच्चे को संस्कार मिलने लगते हैं। संस्कारी बच्चे में कुविचार नहीं आता है।
कुलाधिपति ने कहा कि असम में बाल विवाह के कई मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश में कहीं भी बाल विवाह न हो पाए, इसका ध्यान पुलिस-प्रशासन के अफसरों को रखना है। डीएम, एसपी को खुद संज्ञान लेकर बाल विवाह कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अधिकारियों की सोच ये नहीं होनी चाहिए कि कोई प्रार्थना पत्र लेकर आए, तभी कार्रवाई करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि बाल विवाह होने पर 50 फीसदी माताएं और बच्चों की मौत हो जाती है। ऐसे में बाल विवाह रोककर किसी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि 2023 को मोटे अनाज का वर्ष घोषित किया गया है। विश्वविद्यालयों को भी इसे बढ़ावा देना चाहिए। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी मोटे अनाज के व्यंजन बनने चाहिए। यदि ऐसा होगा तो कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं रहेगा।
आनंदीबेन ने कहा कि बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है। यहां पर जो कर्म बनने हैं, उससे संबंधित कोर्स भी विश्वविद्यालय को शुरू करना चाहिए। ताकि, छात्र-छात्राओं को रोजगार मिल सके।