झांसी। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को दिन प्रतिदिन खुशहाल बनाना है। इसमें किसान भी अपना सहयोग प्रदान करें। किसान गोवंश को अपने खेत पर ही रखें और गोमूत्र व गोबर का प्रयोग खेतों में ही करें। इससे फसल की उत्पादन व मिट्टी की उर्वरक क्षमता में वृद्धि होगी। यह बात उन्होंने रविवार को भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान में आयोजित दो दिवसीय किसान गोष्ठी एवं कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही।
कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में प्राणघातक बीमारियों से बचाव के लिए श्रीअन्न का सेवन हमारे लिए आवश्यक है। किसान जायद की फसल पर ध्यान दें। इसके लिए उन्हें सब्सिडी पर बीज मुहैया कराए जाएंगे। इस दौरान मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में किसानों के कल्याण में श्रीअन्न की खेती बहुमूल्य उपाय है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि संरक्षण के अभाव में इस क्षेत्र में बारिश का पानी बह जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए जल संरक्षण व प्राकृतिक खेती की दिशा में काम करने वाले किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया जाना चाहिए। अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि श्रीअन्न को बढ़ावा देने के लिए इसके फायदों का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। आने वाले समय में किसानों को श्रीअन्न के बीज की मिनी किट उपलब्ध कराई जाएगी।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, एसएसपी राजेश एस, जेडीए वीसी आलोक यादव, सीडीओ जुनैद अहमद, संयुक्त कृषि निदेशक राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
एस्ट्रोनॉमी लैब व पुस्तकालय का लोकार्पण
झांसी। प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कंपोजिट विद्यालय दिगारा में एस्ट्रोनॉमी लैब और कंपोजिट विद्यालय का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एस्ट्रोनॉमी लैब का मुख्य उद्देश्य बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति उत्सुकता जागृत करना है। कम उम्र में ही बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना शासन का मुख्य उद्देश्य है। इस लैब में बच्चों को ब्रह्मांड से जुड़े हर सवालों के जवाब मिलेंगे। इस मौके पर मंडलायुक्त डा. आदर्श सिंह, डीएम रविंद्र कुमार, सीडीओ जुनैद अहमद समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
झांसी में जल्द विकसित होगा डिफेंस कॉरिडोर
झांसी। झांसी दौरे के दौरान प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड में से अलीगढ़ में 60 प्रतिशत जमीन का आवंटन किया जा चुका है। एक-एक कर इसके सभी नोड विकसित किए जाएंगे। झांसी में भी शुरूआत हो चुकी है। कॉरिडोर का झांसी नोड जल्द विकसित होगा। झांसी को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जा रहा है। इससे यहां की दिल्ली से कनेक्टिविटी और भी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री को बुंदेलखंड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में बुंदेलखंड के लिए पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव आए हैं।