झांसी। जल जीवन मिशन की हर घर जल योजना ने अब साकार रूप लेना शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत पहली बार तीन गांवों के 339 घरों में नल के जरिये पानी पहुंच गया है। इसके साथ ही इन गांवों के ग्रामीणों की पानी के लिए कुओं और हैंडपंपों पर निर्भरता खत्म हो गई है।
बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दस हजार करोड़ रुपये की हर घर जल योजना की घोषणा की थी। इसके एक साल बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी नींव रखी थी। योजना के तहत झांसी जनपद में 1465.76 करोड़ रुपये की लागत से दस परियोजनाएं तैयार की जा रहीं हैं। इनमें से गुलारा परियोजना से जुड़े तीन गांव ओपारा, धावनी व घुसगुवां में काम पूरा होने के बाद ट्रायल किया गया। ओपारा के 134, धावनी के 155 और घुसगुवां के 110 के घरों में नलों के जरिये पानी पहुंचाया गया। देश की आजादी के 75 साल बाद इन गांवों में नल से पानी पहुंचाया गया। इससे ग्रामीण बेहद खुश नजर आए।
मुफ्त कनेक्शन, पानी का चार्ज नहीं
झांसी। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को नल के मुफ्त कनेक्शन दिए जा रहे हैं। उनके घर तक पाइप लाइन डाली जा रही है। जबकि, फिलहाल पानी का कोई मासिक शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। शुल्क के संबंध में सरकार की ओर से अभी कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं।
अगले महीने 16 गांवों में और पहुंचेगा पानी
झांसी। हर घर जल योजना के तहत अगले माह सितंबर में 16 गांवों तक और पानी पहुंचाने की योजना है। इनमें बरल, सिया, डबरा बुजुर्ग, सुल्तानपुर, धमना बुजुर्ग, सिकरी बुजुर्ग, भरतपुरा, देवल, देदर, देओरा, मोड़कलां, मोड़खुर्द, निबी, खिरियाराम, नरी व छिरौना शामिल हैं। इस योजना के तहत जनपद के 648 गांवों में घर-घर में पानी पहुंचाने की योजना है। इसके लिए 10 परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
बतौर ट्रायल तीन गांवों के 339 घरों में नल के जरिये पानी पहुंचाया गया। ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा है। अगले माह सितंबर में 16 गांवों को और इस योजना से जोड़ दिया जाएगा। जबकि, अगले साल गर्मी के सीजन से पहले सभी गांवों में नल से पानी पहुंचने लगेगा। इसके लिए योजना का काम तेजी से जारी है।
- संजय पांडेय, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे)