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Jhansi News: ...जाओ अन्ना पशु अब मध्यप्रदेश में जाकर चरो योगी ने आदेश दिया था कि सड़कों पर अन्ना पशु, अफसरों ने सीमा पर हांका शासन हुआ सख्त तो मध्यप्रदेश की तरफ हांके जाने लगे छुट्टा गोवंश

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झांसी। 31 मार्च तक सभी छुट्टा गोवंश को आश्रय स्थलों में भेजने के निर्देश थे लेकिन आज भी गोवंश सड़कों पर छुट्टा घूम रहे हैं। अब शासन सख्त हुआ तो अफसरों की बेचैनी बढ़ गई। अब इस गोवंश को मध्यप्रदेश की तरफ हांका जाने लगा है। अगर सीमाओं से सटे इलाकों में देखेंगे तो हर रोज छुट्टा गोवंश को मध्यप्रदेश की तरफ दौड़ाने वाले लोग दिख ही जाएंगे।
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दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में सड़कों पर छुट्टा घूम रहे गोवंश को पांच अप्रैल तक हर हाल में आश्रय स्थलों में भेजने के निर्देश दिए थे। आखिरी वक्त तक जिले में बने 276 गो आश्रय स्थलों में गोवंश नहीं पहुंच सके। झांसी मेें 15 हजार गोवंश सड़क पर भटक रहे हैं।
यही हाल ललितपुर का है। ललितपुर मध्य प्रदेश के टीकमगढ़, सागर, अशोक नगर, शिवपुरी एवं चंदेरी जनपद से तीन दर्जन से अधिक गांवों से घिरा है। ललितपुर में 8 हजार से अधिक अन्ना जानवर सड़क पर घूम रहे हैं। इन अन्ना जानवरों को भी इन्हीं सीमावर्ती जनपदों से सटे गांवों के रास्ते मध्य प्रदेश में खदेड़ दिया गया।
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मध्यप्रदेश वाले रात को झांसी और ललितपुर की तरफ खदेड़ रहे
झांसी। मध्यप्रदेश के लोग भी अन्ना पशुओं को झांसी और ललितपुर की तरफ खदेड़ दे रहे हैं। आमतौर पर रात को ग्रामीण पशुओं को हांक रहे हैं। जब सुबह को किसान खेतों पर पहुंचते हैं तो छुट्टा गोवंश का झुंड उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाता दिखता है।

अन्ना पशुओं को लेकर 12 गांवों में तनातनी
झांसी। एक दूसरे के क्षेत्र में अन्ना पशुओं को हांके जाने को लेकर 12 गांवों के लोगों में तनातनी है। झांसी और ललितपुर के किसान मध्यप्रदेश के ग्रामीणों पर आरोप लगाते हैं जबकि वहां के काश्तकार कहते हैं कि बुंदेलखंड की तरफ से पशु इधर छोड़े जा रहे हैं। ग्रामीणों के बीच का यह विवाद पुलिस तक भी पहुंच चुका है।


बोले अफसर, मध्यप्रदेश के गांवों के लोग इधर की तरफ हांक रहे अन्ना जानवर
झांसी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.अशोक कुमार का कहना है कि मध्य प्रदेश के कई गांव के लोग अन्ना जानवर समीपवर्ती गांव की ओर हांक देते हैं। इस प्रकार की सूचनाएं कई दफा आ चुकी हैं। हालांकि उन्होंने उत्तर प्रदेश से मध्यप्रदेश की ओर गोवंश हांके जाने से इन्कार किया है। उनका कहना है कि सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर पहुंचा दिया गया है। जहां चारा और पानी की सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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झांसी के इन सीमावर्ती गांवों से हांके जाते हैं गोवंश
ग्वालियर रोड पर चिरुला, शिवपुरी रोड पर करेरा और ललितपुर रोड पर चकरपुर समेत डेढ़ दर्जन गांव के रास्ते मौका मिलते ही मध्य प्रदेश की ओर हांक दिए गए। इसी तरह भगवंतपुरा के रास्ते भी गोवंश आगे मध्य प्रदेश की ओर हांक दिए जाते हैं।
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