संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने परिचालकों की कमी पूरी करने के लिए आउटसोर्सिंग पर भर्ती निकाली थी। झांसी में भी इसके लिए कार्यदायी संस्था को 175 परिचालकों की भर्ती का जिम्मा सौंपा गया था। जिसमें कार्यदायी संस्था की तरफ से मेरिट में नाम लाने एवं परिचालक के पद पर भर्ती करने के नाम पर एक-एक लाख रुपये रिश्वत मांगी जा रही है। इसका एक वीडियो एवं ऑडियो वायरल हुआ है। इसके साथ ही पीड़ित ने ट्विटर और मुख्यालय पर इसकी शिकायत की है। मामला आला अफसराें तक पहुंचने पर हड़कंप मच गया। प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक ने कार्यदायी संस्था से स्पष्टीकरण मांगा है।
एटा जिले के रहने वाले अमित कुमार ने झांसी में परिचालक भर्ती के लिए आवेदन किया था। जिसमें अनुसूचित जाति संवर्ग में उसका सूची में नाम आ गया था। ऐसे में उसको 14 व 15 जुलाई को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। इसके बाद उससे कार्यदायी संस्था पयोधी इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के आधिकारिक नंबर से एक लाख रुपये देने की मांग की गई। पैसा न देने पर सूची में चयन न करने की बात कही गई। परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत ट्विटर और परिवहन मुख्यालय में की। जिस पर 11 अगस्त को नोटिस जारी कर जांच बैठा दी गई है। उधर प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष कुमार के मुताबिक पयोधी इंटरप्राइजेज से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसमें जो भी दोषी होगा, संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।