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403 करोड़ के फ्रॉड का पर्दाफाश: पिता चलाते थे ई-रिक्शा, बेटे ने एक साल में कमाए करोड़ों रुपये; छह ठग गिरफ्तार

Fri, 28 Aug 2026 01:15 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, झांसी

सार

झांसी पुलिस ने देशभर में साइबर ठगी की 403 करोड़ रुपये की रकम को बैंक खातों के जरिये इधर-उधर करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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झांसी में 403 करोड़ के फ्रॉड का पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रेमनगर पुलिस ने देशभर में होने वाले साइबर फ्रॉड की रकम को बैंक खातों के जरिए इधर-उधर करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक 60 बैंक खातों में देश भर में साइबर ठगी कर करीब 403 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। इनमें 35 खाते झांसी के मिले हैं, जिनका संचालन गिरफ्तार आरोपी कर रहे थे।

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पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य आरोपी अरमान निवासी गरिया फाटक है। उसके पिता ई-रिक्शा चलाते थे। अरमान ने महज पिछले एक साल में साइबर फ्रॉड के जरिए करीब 22 करोड़ रुपये कमाए। गिरोह में ईसाई टोला निवासी सत्यम वर्मा, अदनान हुसैन, आदिल हुसैन, अभिषेक चौधरी, जॉन पाल और अर्चित श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोहों से रकम अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों में मंगाते थे। इसके बाद रकम को अलग-अलग माध्यमों से घुमाकर नंबर एक की रकम में बदलने और अपना कमीशन काटने के बाद संबंधित साइबर ठगों तक वापस पहुंचाने का काम किया जाता था। इस तरह आरोपी साइबर ठगी की रकम को वैध दिखाने की कोशिश करते थे।
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पुलिस के मुताबिक झांसी में मिले 35 बैंक खातों का संचालन गिरफ्तार आरोपी कर रहे थे। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को साइबर ठगी की रकम को यूएसटीडी में बदलते हुए रंगे हाथ पकड़ा। पिछले एक सप्ताह में ही आरोपियों ने करीब 9.75 लाख रुपये उस खाते में बदले थे।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क, देशभर में जुड़े साइबर ठगों, बैंक खातों और रकम को इधर-उधर करने वाले अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क की कड़ियां कई राज्यों तक फैली हो सकती हैं। पुलिस आगे भी छानबीन में जुटी है।

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