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Jhansi News: बढ़ती बीमारियों के बोझ से बचने को निभाएं अपनी जिम्मेदारी

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विश्व स्वास्थ्य दिवस: 7 अप्रैल पर विशेष -
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मनुष्य की मूलभूत जरूरतों में रोटी, कपड़ा और मकान के साथ-साथ अच्छा स्वास्थ्य भी जुड़े
डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया की आधी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। हर साल विश्व स्वास्थ्य संगठन की पहल पर 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है ताकि सरकारें अपने नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने पर चिंतन कर सकें और ‘सभी के लिये बेहतर स्वास्थ्य’ की संकल्पना को साकार बना सकें। वर्ष 2024 के लिए डब्ल्यूएचओ ने अपनी थीम में वैश्विक स्तर पर सभी को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में नागरिकों की सजगता के महत्व को स्वीकारते हुए ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार’ विषय रखा है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार लगभग 140 देशों के संविधान में स्वास्थ्य को मानव अधिकार के रूप में मान्यता मिली है इसके बावजूद भी यह आश्चर्यजनक है कि लगभग विश्व की आधी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं से पूरी तरह से नहीं मिल पा रही हैं।
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इस साल डब्ल्यूएचओ की थीम है

''''''''मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार'''''''' इन चार शब्दों की ताकत दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए आशा की किरण है। समाज के जिन वर्गों का स्वास्थ्य आज भी बेहतर स्थिति में नहीं है या कहें कि खतरे में हैं उनको यह नारा एक संबल प्रदान करेगा।
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एमएलबी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर बताते हैं कि भारत में कम आय वाले लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत जन समुदाय को बीमारियों के निशुल्क उपचार के लिए पांच लाख रुपये तक का कवर भी मिलता है और सरकार द्वारा उपचार की बेहतर व्यवस्था की गई है लेकिन उपचार से ज्यादा बीमारियों से बचाव की ज़रूरत है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, और कैंसर जैसी इन बीमारियों के कुछ ऐसे कारण हैं जिनको बदलना पूरी तरह हमारे हाथ में है। इसलिए स्वास्थ्य जीवन शैली अपनाने की जरूरत है। सरकारों व जनसामान्य को एक साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध किया जा सके। सेहत सभी के लिए महत्वपूर्ण है और हमारा स्वास्थ्य सिर्फ हमारा अधिकार नहीं बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है।
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एमएलबी मेडिकल कॉलेज की कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग की सहायक आचार्य डॉ. सुधा शर्मा बताती हैं कि स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा मंत्र है एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाना। एक स्वस्थ जीवन के लिए इन पांच नियमों का पालन करना बहुत अनिवार्य है। खान-पान में संयम, व्यायाम, तम्बाकू एवं शराब के सेवन से बचना, तनाव मुक्त रहना एवं पर्याप्त नींद लेना।
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बेहतर स्वास्थ्य के मूल मंत्र
1. खान-पान में संयम का आशय अपने भोजन में अत्यधिक चीनी व नमक और वसायुक्त पदार्थों से बचने से है। अपने आहार में ताजा फल और सब्जियों को प्राथमिकता दें।

2. फैक्टरी में बने फूड प्रोडक्ट का सेवन कम से कम करें।

3. अत्यधिक चाय-काफी के सेवन से बचें।

4. रात का भोजन जल्दी करें।

5. व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं
6. तंबाकू और शराब के सेवन से बचें इससे सीओपीडी, फेफड़ों का कैंसर, अन्य कैंसर लकवा या हार्ट अटैक हो सकता है।

9. तनाव कम करना जरूरी है।

10. अच्छी नींद लें
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