संवाद न्यूज एजेंसी झांसी। जनवरी के घने कोहरे में वंदे भारत से लेकर गतिमान और शताब्दी एक्सप्रेस तक सभी ट्रेनों की रफ़्तार पर धुंध ने ब्रेक लगा दिया था। इसके बाद झांसी-दिल्ली रेलमार्ग के मथुरा स्टेशन यार्ड की री-मॉडलिंग कार्य के चलते ट्रेनों का रास्ता बदला तो रफ्तार भी घट गई। लेकिन, अब न तो धुंध है और न ही मंडल में विकास कार्य के चलते ब्लॉक लिया गया है, फिर भी बीते सप्ताह से लेकर अबतक झांसी आ रहीं ट्रेनों की रफ़्तार सुस्त है। रेलवे से यात्री भी यही सवाल कर रहे हैं। इस संबंध में झांसी मंडल के जनसपंर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि अन्य मंडलों में भी विकास कार्य चल रहे हैं, जिसके चलते यात्री सुरक्षा को देखते हुए ट्रेनों को सुरक्षित गति पर चलाया जाता है।
- ये ट्रेन आईं लेट
उत्कल एक्सप्रेस 12 घंटे, दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस 7 घंटे, झेलम एक्सप्रेस 4.30 घंटे, तामिलनाडु एक्सप्रेस 4.30 घंटे, श्रीधाम एक्सप्रेस 2 घंटे, सचखंड एक्सप्रेस 2 घंटे, कुरुक्षेत्र-खजुराहो एक्सप्रेस 2 घंटे, तिरुपति हमसफर एक्सप्रेस 2 घंटे, महाकौशल एक्सप्रेस 2 घंटे, तेलंगाना एक्सप्रेस 2 घंटे, अमृतसर नागपुर एक्सप्रेस 1.30 घंटे, गोंडवाना एक्सप्रेस 1.30 घंटे, जीटी एक्सप्रेस 1 घंटे व पातालकोट एक्सप्रेस 1 घंटे की देरी से झांसी पहुंचीं।