फर्जी नियुक्ति पत्रों के सहारे सरकारी इंटर कॉलेजों में नौकरी हासिल करने वाले पांचों फर्जी शिक्षकों को रविवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। फर्जीवाड़े के इस खेल का मास्टर माइंड अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।
मऊरानीपुर व गरौठा क्षेत्र के राजकीय स्कूल वीरा, खड़ौरा व बम्हौरी सुहागी में फर्जी नियुक्ति पत्रों के सहारे पांच शिक्षकों ने तैनाती ले ली थी। सभी पिछले एक माह से अध्यापन कार्य भी करते आ रहे थे। इनमें से राजकीय हाईस्कूल खड़ौरा में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति हासिल करने वाले आजमगढ़ जनपद के तहसील लालगंज के ग्राम लालमऊ निवासी पंचदेव की ज्वाइनिंग रिपोर्ट निदेशालय पहुंची थी, जिसमें उनका नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया था।
इसके बाद अन्य नव नियुक्ति शिक्षकों की जांच हुई, जिसमें चार और फर्जी पाए गए। इस मामले में विद्यालयों की प्रधानाध्यापिकाओं की ओर से पंचदेव समेत आजमगढ़ के ग्राम महुआपुर निवासी रणविजय विश्वकर्मा, ग्राम वीरभद्रपुर निवासी नरेंद्र कुमार मौर्य, ग्राम लक्षिरामपुर निवासी अमृता कुशवाहा व विलरियागंज निवासी मैनावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। एसपी देहात नैपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वहीं फर्जीवाड़े में शामिल मास्टर माइंड तक अभी पुलिस के हाथ नहीं पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े के खेल के तार पूर्वांचल से जुड़े हुए हैं। फर्जी शिक्षकों से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस सरगना व इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है। इसके लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गईं हैं। इस मामले में विभागीय लोगों की संलिप्तता भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।