अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में स्थापित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले कूड़े को निस्तारित करने के लिए अत्याधुनिक सॉलिड वेस्ट प्लांट बनाया जाएगा। इसके साथ ही नाले के गंदे पानी के निस्तारण के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगेगा। इस प्रोजेक्ट में 65 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसकी डीपीआर तैयार कराई जा रही है। बीडा अफसरों का कहना कि ग्रीन बीडा थीम के चलते अत्याधुनिक तकनीक से यह सॉलिड वेस्ट प्लांट लैस होगा। बीडा की शुरुआती बसावट के लिए 400 हेक्टेयर जमीन चिह्नित हुई है। बीडा बोर्ड की मंजूरी के बाद इसे विकसित करने की कवायद शुरू हुई है। इसके तहत आंतरिक सड़क, बिजली समेत अन्य बुनियादी सहूलियतों से युक्त ढांचा तैयार हो रहा है। इस काम पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह रकम बीडा बोर्ड मंजूर कर चुका है। बीडा अफसरों का कहना है कि नियोजित बसावट के दौरान पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस कचरे के प्रबंधन, प्रसंस्करण समेत निपटान का भी इंतजाम किया जा रहा है। यहां स्थापित होने वाले औद्योगिक प्रतिष्ठानों से ठोस, तरल और गैसीय अपशिष्ट निकलेगा। इसके निस्तारण के लिए अत्याधुनिक संयंत्र लगाने होंगे। इनको एकत्रित करना भी चुनौती होगी।खास तौर से इलेक्ट्रानिक उद्योग से निकलने वाले पुराने सर्किट बोर्ड, प्लास्टिक केसिंग समेत भारी वस्तुओं को निस्तारित करने के लिए सुरक्षित लैंडफिल की भी आवश्यकता होगी। कई वस्तुओं को रि-साइकिल किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक तकनीकी से लैस प्लांट स्थापित करने की योजना है। बीडा की ओएसडी सौम्य मिश्रा के मुताबिक, सॉलिड वेस्ट प्लांट की डीपीआर की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।